गोरखपुर

शिक्षक भर्ती में विसंगतियों को लेकर गोरखपुर विवि शैक्षिक महासंघ पंहुचा UGC

शिक्षक भर्ती में  गोरखपुर विवि शैक्षिक महासंघ पंहुचा UGC

गोरखपुर: शिक्षक भर्ती में विसंगतियों को लेकर गोरखपुर विश्वविद्यालय शैक्षिक महासंघ ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग का दरवाजा खटखटाया है। इस सम्बन्ध में
गोरखपुर विश्वविद्यालय शैक्षिक महासंघ में उच्च शिक्षा के राष्ट्रीय प्रभारी महेन्द्र कुमार तथा प्रज्ञा प्रवाह के डॉ. कौस्तुभ नारायण मिश्र के साथ इकाई अध्यक्ष प्रो विजय कुमार तथा डॉ आमोद कुमार राय ने आयोग के अध्यक्ष प्रो डी पी सिंह से भेंट की।

इस दौरान उच्च शिक्षा से जुड़े अनेक विषयों पर चर्चा के साथ-साथ असोसिएट प्रोफेसर के लिए निर्धारित शोध कराने की अनिवार्यता सम्बन्धी अर्हता को लेकर चर्चा हुई। लोगों द्वारा उसकी गलत व्याख्या करने और उसमें आवश्यक संशोधन पर तथ्य और तर्क सहित उनका ध्यान भी आकृष्ट कराया गया।

महासंघ की विवि इकाई के अध्यक्ष प्रो विजय कुमार तथा मंत्री डॉ आमोद कुमार राय ने बताया कि प्रो सिंह ने विसंगति को प्रथम दृष्टया स्वीकार किया और यथोचित परिवर्तन का आश्वासन भी दिया।

प्रो कुमार तथा डॉ राय के मुताबिक यू जी सी रेगुलेशन 2010 में नितांत अतार्किक एवं षड्यंत्रकारी विनियम बनाये गए। एक तरफ प्रोफेसर पद के लिए बनाए गए अहर्ता में शोध निर्देशन को अनिवार्य नही किया गया है वहीं सहायक आचार्य अर्थात Associate professor के लिए इसे सामान्य अहर्ताओं में छिपा कर प्रस्तुत कर दिया गया है ।

देश भर में 95% से अधिक महाविद्यालयी शिक्षकों को शोध निर्देशन का अधिकार नही दिया गया है और विश्वविद्यालय में नियुक्ति के समय उनसे शोध निर्देशन की अपेक्षा रखी जा रही है।

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