गोरखपुर

शाहपुर में करोड़ों की विवादित जमीन पर हुआ एक पक्ष का कब्ज़ा, दूसरे पक्ष ने दी आत्महत्या की धमकी

Police-at-the-disputed-land
watch?v=n1G73IeqwXc
गोरखपुर: पिछले कई दिनों से शाहपुर थाना क्षेत्र में बशारतपुर में चल रहे तथाकथित वीना श्रीवास्तव की करोड़ों की जमीन को ले कर चल रहे विवाद का आज दुसरे पक्ष रणविजय सिंह के कब्ज़े के सतह अंत हो गया। वही अब वीना श्रीवास्तव का कहना है अगर इस मामले में उन्हें न्याय नहीं मिला तो वह आत्महत्या कर लेंगी।
आज 12 बजे उक्त प्रकरण में सिविल कोर्ट में मामले की सुनवाई होनी थी किन्तु पीडितो के मुताबिक शहर के जिलाधिकारी ने 11 बजे ही भारी मात्रा में फ़ोर्स लगाकर ज़मीन पर कब्ज़ा करवाना शुरू कर दिया।
गौरतलब है की वीना श्रीवास्तव का कहना है की यह उनकी पुस्तैनी जमीन है जिस की कीमत आज करोड़ों में है और शायद यही वजह है की उस पर कुछ भू माफियाओं की नजर गड गई।
उनका कहना है की दबंगो के बल पर और कुछ प्रशासनिक अमले की मदद से कुछ लोग जमीन पर कब्जा करने की कवायत कर रहे है | लेकिन आज जब प्रशासन ने दल बल के साथ दुसरे पक्ष को जमीन पर कब्जा दिया | जिसके बाद पीड़ित पक्ष ने आत्महत्या करने की बात भी कही है |
वीना श्रीवास्तव की माने तो उनकी इस पैत्रिक जमीन पर तक़रीबन ढेढ़ साल पहले इन दब्नागो ने फर्जी तरीके से रजिस्ट्री करवा ली. तब से वो इन्हें परेशान कर रहे है, हर दम आठ दस गुंडे लेकर आते है, और उन्हें हर तरह से परेशान करते है, और जब थाने से मदद मांगी जाती है, तो मदद मिलती है, लेकिन जब पुलिस आती है, तो वो भाग जाते है।
23 जनवरी को तहसीलदार अपने फ़ोर्स के साथ आये और पेमाईस कराने लगे और उनके साथ कुछ लोग भी आये, थे, और आज दर्जनों की संख्या में पुलिस बल के साथ प्रशासन यहा कब्जा दिला रहा है, मेरी फरियाद सुनने वाला कोई नहीं है | इसलिए मै आत्महत्या भी कर लुंगी |
इस पुरे मामले पर जब दुसरे पक्ष से बात की गई, तो उनका कहना है की, ये पूरी जमीन मूल रूप से बेला रानी और अर्जुन देव की रही है, और बेला रानी ने पूरी पावर आफ एटार्नी पारस नाथ गुप्ता को दिया था, उसके बाद ओमप्रकाश गुप्ता और विना श्रीवास्तव ने चार रजिस्ट्री, बैनामा करवाया था |
रणधीर सिंह ने कहा ,”सिविल कोर्ट ने ये फैसला भी दिया की ये जमीन अर्जुन देव और बेला रानी की है और उन्होंने ये जमीन रणधीर सिंह को बेचा है, तो वो जमीन वैलिड है। इसके विरोध में वो हाईकोर्ट गए वहा पर भी ये 26-11-15 को इनके रीड को ख़ारिज कर दिया और कहा की आप राजस्व न्यायालय में जाए वहा पर निर्धारण करवाकर आये। इनकी 65 डिसमिल जमीन है। बाकी मेरा एक एकड़ 33 डिसमिल है, उस पर मेरा कब्जा है। ”
इस मामले पर जिला अधिकारी ओ एन सिंह ने कहा,” क्या आप समझ सकते है की जिला अधिकारी कुछ एसा कर सकता है। जिला अधिकारी का काम है लोगो को न्याय दिलाना। एक पीड़ित पक्ष है जिसकी जमीन पर इन्होने कब्जा कर रखा है और दोनों बीच में एक वाजिब जमीन का मालिक है।”
उन्होंने कहा की इसके पहले भी 20 से 25 वकीलों को लेकर ये महिला आई थी।
उन्होंने कहा ,” मेरे पूछने पर की आपके पास कोई आदेश है तो उन्होंने कहा नहीं। तो मैंने कहा की अगर कुछ है तो ठीक, नहीं तो जिसकी जमीन जिसके नाम है, भूमधरी जिसके नाम है, उसको अपनी जमीन पर कब्जा मिलना चाहिए और राजस्व विभाग की जिम्मेदारी है, जिसके नाम पर जहा अभी जमीन है, उसका कब्जा दिल्वावे उसकी जमीन को सन्रक्षित करे।
उन्होंने कहा की इसी को लेकर एसडीएम् स्तर पर निर्देश पारित हुई है और कार्यवाही की गई है।


 

गोरखपुर की राजनीति से जुड़ी हर खबर यहाँ पढ़े http://gorakhpur.finalreport.in/ 

fb

Related Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *