गोरखपुर

पूर्व मंत्री ने मांगी सरकार और सरकारी नौकरियों में विश्वकर्मा समाज की भागीदारी

गोरखपुर: विश्वकर्मा समाज को उनकी जनसंख्या के मुताबिक देश की लोक सभा, विधानसभा, सरकार और सरकारी नौकरियों में भागीदारी सुनिश्चित किया जाए। विश्वकर्मा समाज के गौरव और स्वाभिमान के प्रतीक भगवान विश्वकर्मा के पूजा दिवस 17 सितम्बर को सरकार राष्ट्रीय अवकाश घोषित करे। उक्त बातें आल इंडिया विश्वकर्मा शिल्पकार महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष,पूर्व एमएलसी और सपा सरकार के मंत्री रहे रामआसरे विश्वकर्मा ने गोरखपुर में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान कही।

पूर्व मंत्री ने कहा कि सदियों से विश्वकर्मा समाज उपेक्षा और पिछड़ेपन का शिकार रहा है। अपनी कुशल कारीगरी,कला कौशल के माध्यम से विश्वकर्मा समाज परिश्रम से देश व समाज के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।लेकिन आज तक इस समाज के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक उन्नति के लिए कोई नीति नही बनाई गई।विश्वकर्मा समाज के प्रमुख कारोबार लकड़ी और लोहा के कारोबार पर बहुराष्ट्रीय कंपनियों का कब्जा होने के कारण समाज भुखमरी के कगार पर पहुंच गया है।

उन्होंने कहा कि सामाजिक और राजनीतिक पहचान न होने के कारण लोग उत्पीड़न और उपेक्षा का शिकार हो रहे हैं।देश की लोकसभा और विधानसभा में विश्वकर्मा समाज का एक भी सांसद और विधायक न होने के कारण इस समाज की आवाज दब गई है। हमारी मांग है कि लकड़ी और फर्नीचर के व्यवसाय पर लागू जीएसटी समाप्त किया जाए।आरा मशीनों का लाइसेंस विश्वकर्मा समाज के कारोबार के लिए खोला जाए,पुश्तैनी रूप से विश्वकर्मा समाज के कुशल कारीगरी के लोहार और बढ़ई के युवकों को आईटीआई का प्रमाणपत्र दिया जाए।

उन्होंने कहा कि हुनरमंद विश्वकर्मा समाज के युवकों को कौशल विकास मिशन में रोजगार दिया जाए। भूमिहीन विश्वकर्मा लोहार, बढ़ई को ग्राम सभा की जमीन का पट्टा देकर उन्हें वर्कशाप खोलने में अनुदान दिया जाए। अपने इन्ही मुद्दों को लेकर विश्वकर्मा समाज 3 जून को रैली करके अपनी भागीदारी की मांग करेगी।

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