गोरखपुर

निष्कासन के विरोध में कोर्ट जायेंगे मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कर्मचारी

mmmtuगोरखपुर: शासन स्तर से बिना पक्ष सुने एकतरफा कार्रवाई कर 35 कर्मचारियों को विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा बर्खास्त किया जाना पूर्ण रूप से अवैधानिक है।
सभी बर्खास्त कर्मचारी इस निर्णय के विरोध में सरकार के खिलाफ कोर्ट में दावा ठोकेंगे। उक्त बातें MMMTU Gorakhpur से 17 फऱवरी को बर्खास्त किये गए 35 कर्मचारियों के नेता दुर्गेश कुमार यादव ने आज कही।
दुर्गेश ने कहा कि कालेज प्रशासन द्वारा निर्धारित सभी प्रक्रियाओ का पालन करते हुए हम लोगो की नियुक्ति हुई थी। इस सम्बन्ध में पुर्व प्राचार्य द्वारा पत्रांक/कैम्प/204/2009 दिनांक 29 जून 2009 विशेष सचिव उत्तर प्रदेश को नियुक्ति से सम्बंधित कृत कार्यवाही से अवगत कराते हुए हम सभी को कार्यभार ग्रहण कराया था।जिसके पश्चात् सात वर्षो तक सकुशल कार्य करते हुए 17 फरवरी 2016 तक कार्य किया।
किन्तु 17 फऱवरी की शाम विश्वविद्यालय के कुलसचिव द्वारा अवैधानिक प्रक्रिया अपनाते हुए हम सभी कर्मचारियों की सेवा समाप्ति की घोषणा कर दी गई। जो पूरी तरह से नियम विरुद्ध और गैरकानूनी है।हम सरकार के इस फैसले के खिलाफ न्यायालय में वाद दायर करेंगे।

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