गोरखपुर

आम बजट 2016: योगी आदित्यनाथ ने सराहा, गोरखपुर वासियों ने नाकारा


नई दिल्ली: गोरक्षपीठाधीश्वर एवं गोरखपुर के सांसद महन्त योगी आदित्यनाथ ने आम बजट पर अपनी प्रतिक्रिया में व्यक्त करते हुए कहा की केन्द्रीय वित्त मंत्री अरूण जेटली द्वारा संसद में प्रस्तुत किया गया वर्ष 2016-17 का आम बजट गरीबों, किसानो और कमजोर वर्ग को सामाजिक, आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने तथा एक समृद्ध और सशक्त भारत की परिकल्पना को साकार करने का एक व्यावहारिक एवं दूरदर्शी कदम है।
वैसे गोरखपुर के लोगों ने बात चीत में इस बजट को निराशाजनक बताया
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आदित्यनाथ ने कहा कि यह बजट राजनीतिक पूर्वाग्रहों से ऊपर उठकर आम जन की खुशहाली एवं समृद्ध भारत बनाने के मा. प्रधानमंत्री के प्रयासों का एक नया कदम है। देश में किसान की स्थिति को ध्यान में रखकर बजट में जो महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं वह कृषि क्षेत्र में किसानो को राहत देने के साथ-साथ उसकी आय को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वाह करेगा।
सन् 2022 तक किसानो की आय को दुगनी करने, ‘‘प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना’’ के अन्तर्गत रू. 20 हजार करोड़ का प्रावधान करने, मार्च, 2017 तक देश के सभी 14 करोड़ जोतों का ‘‘मृदा कार्ड स्वास्थ्य स्कीम’’ में शामिल करने का प्रावधान तथा आगामी 3 साल में 5 लाख एकड़ जैविक खेती का लक्ष्य, किसानो की आय बढ़ाने के लिए घोषित की गई 4 महत्वपूर्ण परियोजनाएं पशुधन संजीवनी, पशु स्वास्थ्य कार्ड, ई पशुधन हाल्ट और देशी प्रजनन के लिए एक राष्ट्रीय जैनोमिक केन्द्र एक महत्वपूर्ण कदम है।
Gorakhpur-MP-Yogi-Aditynath‘‘प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना’ के लिए 2016-17 में रू. 5500 करोड़ का आवंटन, देश के किसानो को एक नया जीवनदान देगा। ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार सृजन की दृष्टि से 2016-17 में मनरेगा के लिए रू. 38500 करोड़ राशि का आवंटन, ग्रामीण क्षेत्र में मनरेगा के अन्तर्गत 5 लाख कुएं व तालाब रोजगार सृजन के साथ जल संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वाह करेगा।
गांवो में 1 मई, 2018 तक ‘‘दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना’’ के अन्तर्गत शत्-प्रतिशत विद्युतीकरण का लक्ष्य, ‘‘स्वच्छ भारत अभियान’’ के लिए रू. 1 हजार करोड़ का आवंटन, ‘‘प्रधानमंत्री ग्राम्य सड़क योजना’’ के अन्तर्गत 2016-17 में अब तक का सबसे अधिक आवंटन रू. 19 हजार करोड़, राज्यों के हिस्से को मिलाकर यह राशि रू. 27 हजार करोड़ आती है स्वागत योग्य है।
गरीबों को रसोई गैस का कनेक्शन उपलब्ध कराने, हर एक परिवार को रू. 1 लाख तक का स्वास्थ्य बीमा की सुविधा प्रदान करने और बुजुर्गों के लिए 30 हजार अतिरिक्त ‘‘स्वास्थ्य बीमा योजना’’ में कवर, देश के अन्दर ‘‘प्रधानमंत्री जन औषधी वितरण’’ के अन्तर्गत 300 केन्द्रों की स्थापना, सभी जिला चिकित्सालयों में डायलिसिस की सुविधा उपलब्ध कराना गरीबों, किसानो और मजदूरों के स्वास्थ्य के लिए उठाया गया महत्वपूर्ण कदम है।
5 रुपये लाख वार्षिक आय पर रू. 3 हजार की अतिरिक्त छूट, घर की खरीद पर टैक्स छूट में किए गए प्रावधान, ‘‘प्रधानमंत्री मुद्रा योजना’’ के अन्तर्गत आगामी वर्षों में 4 करोड़ से अधिक लोगों को आसानी से एवं कम ब्याज दर पर लोन की सुविधा उपलब्ध कराना आदि स्वावलम्बन की दृष्टि से महत्वपूर्ण कदम हैं।
शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार सृजन क्षेत्र के साथ-साथ देश के अवसंरचना और निवेश सम्बन्ध में बजट में किया गया प्रावधान एक अत्यन्त महत्वपूर्ण कदम है। देश के आम बजट में किए गए प्रावधान देश की अर्थव्यवस्था में जान फूंकने का एक व्यावहारिक कदम है जिसका लाभ अन्ततः आम जन को ही प्राप्त होगा। इस दृष्टि से यह बजट एक व्यावहारिक एवं दूरदर्शी सोच का बजट है।
आम बजट 2016-17 की मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं :
– हर परिवार को 1 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा मिलेगा। पीएम जन औषधि योजना के तहत 300 जेनरिक ड्रग स्टोर खुलेंगे।
– सड़क और राजमार्ग के लिए 55 हजार करोड़ रुपये का प्रस्ताव। 50 हजार किलोमीटर राज्य राजमार्गो को राष्ट्रीय राजमार्ग बनाया जाएगा।
– स्टैंड अप इंडिया योजना को एससी, एसटी महिला उद्यमियों के लिए 500 करोड़ रुपये आवंटित।
– गहरे समुद्र और अन्य गहरे स्रोतों से गैस उत्पादन को प्रोत्साहन मिलेगा।
– अवसंरचना क्षेत्र के विवादों के निपटारा के लिए ‘पब्लिक यूटिलिटी रिजोल्यूशन ऑफ डिस्प्यूट्स विधेयक’।
– प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना को मिला 1,700 करोड़ रुपये।
– विद्यालय परित्याग प्रमाणपत्र के लिए डिजिटल डिपॉजिटरी।
– 1,000 करोड़ रुपये के कोष के साथ उच्च शिक्षा वित्तीयन एजेंसी की होगी स्थापना।
– राष्ट्रीय कौशल विकास मिशन से 76 लाख युवाओं को मिला प्रशिक्षण। 1,500 बहु-दक्षता प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना होगी।
– राज्यों द्वारा स्वेच्छा से स्वीकार करने के लिए मॉडल शॉप्स एंड एस्टीबलेशमेंट विधेयक जारी किया जाएगा।
– चालू खाता घाटा घटकर 14.4 अरब डॉलर।
– ग्रामीण और शहरी निकायों के लिए 2.87 लाख करोड़ रुपये।
– पशु कल्याण कार्यक्रम, पशु स्वास्थ्य कार्ड, ब्रीडरों को आपस में जोड़ने के लिए ई-विपणन प्लेटफार्म।
– एक मई 2018 तक 100 फीसदी ग्रामीण विद्युतीकरण का लक्ष्य हासिल होगा।
– मध्य और निम्न मध्य वर्ग के 75 लाख परिवारों ने स्वेच्छा से एलपीजी सब्सिडी का त्याग किया।
– पीएमजीएसवाई के लिए 19 हजार करोड़ रुपये आवंटित।
– 2015-16 में कृषि ऋण लक्ष्य 8.5 लाख करोड़ रुपये। 2016-17 के लिए नौ लाख करोड़ रुपये।
– 2016-17 में कृषि के लिए 35,984 करोड़ रुपये आवंटित।
– अगले तीन साल में जैविक खेती को जोत बढ़ाकर पांच लाख एकड़ किया जाएगा।
– मनरेगा को मिलेगा 38,500 करोड़ रुपये।
– बैंकों का आगामी वित्त वर्ष में पुनर्पूजीकरण।
– दूरदर्शी वित्तीय नीति की जरूरत। घरेलू मांग बढ़ाए जाने की जरूरत। सुधार की जरूरत।
– कृषि, ग्रामीण क्षेत्र, अवसंरचना और सामाजिक क्षेत्र के लिए कोष बढ़ा।
– 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों और ओआरओपी कार्यान्वयन के चलते खर्च की प्राथमिकता तय करना जरूरी।
– सुधार के नौ स्तंभ। इनमें कृषि, सामाजिक क्षेत्र, शिक्षा, अवसंरचना, वित्तीय अनुशासन और कर सुधार शामिल।
– संकटपूर्ण वैश्विक अर्थव्यवस्था की पृष्ठभूमि में बजट पेश।
– विरासत में मिली चुनौती को अवसर में बदला।
– उपभोक्ता महंगाई दर घटकर 5.4 फीसदी आई, जो पहले नौ फीसदी से अधिक थी। आम आदमी को राहत मिली।
– विदेशी पूंजी भंडार (फॉरेक्स रिजर्व) सर्वोच्च स्तर पर।
– गरीबों को एलपीजी कनेक्शन के लिए 2,000 करोड़
-वित्तीय घाटा 3.5 प्रतिशत रहने का अनुमान
– 2017-18 से योजना, गैर योजना का वर्गीकरण समाप्त

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