गोरखपुर

गोरखपुर उपचुनाव: पैम्पलेट, पोस्टर पर नही लिखा प्रकाशक का नाम तो होगी कड़ी कार्रवाई

गोरखपुर उपचुनाव

गोरखपुर: सदर लोकसभा सीट पर हो रहे उपचुनाव में कोई व्यक्ति किसी प्रकार की निर्वाचन सामग्री जैसे पैम्पलेट, पोस्टर, हैण्डबिल इत्याादि का मुद्रण या प्रकाशन करने पर प्रकाशक की पहचान की घोषणा करना अनिवार्य है। उक्त निर्देश जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी राजीव रौतेला ने दिया है।

उन्होंने कहा है कि प्रकाशित सामग्री के मुख्य पृष्ठ पर मुद्रक एवं इसके प्रकाशक का नाम व पता लिखा होना अनिवार्य है। साथ ही कोई व्यक्ति किसी निर्वाचन पैम्पलेट अथवा पोस्टर का मुद्रण नही करेगा या मुद्रित नही करवायेगा,जब तक कि प्रकाशक की पहचान की घोषणा उनके द्वारा हस्ताक्षरित तथा दो व्यक्ति जो उन्हें व्यक्तिगत रूप से जानते हो, द्वारा सत्यापित न हो।

उन्होंने कहा है कि दस्तावेज के मुद्रण के पश्चात मुद्रक द्वारा दस्तावेज एंव घोषणा की एक प्रति जिलाधिकारी /जिला निर्वाचन अधिकारी कार्यालय को उपलब्ध कराना अनिवार्य है। जो कोई व्यक्ति लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा (1)(2) का उल्लंखन करेगा वह 06 महीने तक कारावास अथवा जुर्माना(जो रूप्या 2000तक हो सकता है) अथवा दोनो से दण्डित होगा तथा राज्य के सुसंगत कानूनों के तहत प्रिटिंग प्रेस के लाइसेंस निरस्त भी हो सकता है।

उन्होंने बताया कि वर्तमान में 64वीं लोकसभा संसदीय क्षेत्र का उपचुनाव की प्रक्रिया चल रही है अतः प्रिटिंग प्रेस की धारा 127 के (2) के तहत मुद्रण सामग्री मुद्रित होने से तीन दिनों के अन्दर मुद्रित प्रतियां(प्रत्येक मुद्रित सामग्री की तीन अतिरिक्त प्रतियों सहित) तथा प्रकाशक की घोषणा,मुख्य कोषाधिकारी गोरखपुर, नोडल आफिसर व्यय अनुवीक्षण अथवा जिला निर्वाचन कार्यालय गोरखपुर को उपलब्ध कराना अनिवार्य है।

Related Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *