गोरखपुर

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर बोली गोरखपुर की आधी आबादी

सुगंधा, गोरखपुर। पूरे विश्व रंगमंच पर आज अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जा रहा है इस मौके पर गोरखपुर की आधी आबादी भी मुखर हुई हमने कामकाजी और समाजसेवी महिलाओं से अलग अलग बात की पेश है कुछ खास महिलाओं के अपने विचार –

ईश्वर की सर्वश्रेष्ठ रचना है नारी – बीके सुनीता बहन

आठ भुजाओं वाली देवी स्त्री है अर्थात अष्ट शक्ति अर्थात 16 गुण और संस्कारों से संयुक्त ईश्वर की सर्वश्रेष्ठ रचना है नारी।
आज इस भागमभाग वाले समय में पुरुषों से प्रतिस्पर्धा बेशक महिलाएं करें लेकिन उन्हें अपनी गरिमा का ख्याल नहीं भूलना चाहिए।

धरती पर सबसे सुंदर व सशक्त है महिला – डॉ. सिम्मी सरीन चावला
एक मजबूत और आत्मविश्वासी महिला किसी स्थिति को नियंत्रित करने में सक्षम नहीं हो सकती है और इसके परिणाम भी लेकिन निश्चित रूप से सबसे कठिन स्थिति से निपटने के लिए अपने दृष्टिकोण को वह नियंत्रित कर सकती है। यह शांतिपूर्ण जीवन जीने के लिए एक महिला को सबसे सुंदर व सशक्त बनाता है।

स्वयं निर्णय लेना होगा महिलाओं को – डॉ वर्तिका सिन्हा

हिंदू धर्म के मुताबिक प्रत्येक महिला अष्टभुजा है वह दुर्बल नहीं है । एक ही समय में वह अपने घर की देखभाल कर सकती है अपने बच्चों अपने पति के साथ साथ अपना कैरियर भी देख सकती है। महिलाओं ना तो तुम अपने को कमजोर समझो और ना ही तुम अपने सामर्थ्य पर संदेह करो अपने जीवन को खुद बनाओ और निर्णय लो।
खुद पर गर्व करना सीखे महिलाएं – ज्योत्सना 

स्त्री किसी भी दृष्टि से कमजोर नहीं है वंदे मातरम भारत माता की जय देवी दुर्गा यह सारी शक्तियां स्त्री का हित होता है नारी का अर्थ बताते हुए ज्योत्सना ने कहा ना यानी नाज करना अपनी शक्तियों पर री यानि रिश्ता है मेरा ईश्वर के साथ जब हम इतने शक्तिशाली हैं तो हमें खुद को गौरवान्वित महसूस करना चाहिए।

खुल कर जिओ और छू लो आसमा को -अनुजा

नारी जाति को जन्म से लेकर आखरी सांस तक संघर्ष ही करना है , इस बात को समझना चाहिए। जागरूकता की लहर चल चुकी है उसे पकड़ने की जरूरत है। सरकारों को चाहिए कि अब कम पढ़ी-लिखी ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं के अलावा शहरी क्षेत्रों की रोजगार तलाश रही महिलाओं को जगह-जगह इंफॉर्मेशन सेंटर खोल करआवश्यक जानकारी  उपलब्ध कराये।

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