गोरखपुर

बेटे की हत्या के मामले में इन्साफ के लिए दर-दर भटक रही एक मां ने की आत्महत्या की कोशिश

अरविन्द श्रीवास्तव
गोरखपुर: एक पीड़ित मां खाकी के चक्कर लगाते-लगाते जब पूरी तरह से थक गई, तो उसने आत्महत्या करने की सोची। लेकिन समय रहते पुलिस ने उसे मौके पकड़ लिया। पुलिस ने मां और उसके दूसरे बेटे को हिरासत में ले लिया।

कैम्पयरगंज थाना स्थित धानी बाजार के रहने वाले दम्पति लालमति और कपिल देव हैं। इनके बेटे श्रीकुंज अग्रहरी की मौत 7 महीने पहले यानी एक जनवरी 2018 को हो गई थी। और उसकी लाश अहिरौलीपुर पोखरे के पास मिली। पुलिस की माने तो मौत एक्सीडेंट की वजह से हुई थी। वहीँ परिजनों का आरोप है कि उसकी हत्या कराई गई, और हत्या कराने वाला बगल का ही अमन गुप्ता है।

कई बार पुलिस और थाने के चक्कर लगाने के बाद जब महिला पूरी तरह से टूट गई, वो आज एसएसपी आफिस के सामने आत्महत्या करने के लिए पहुंची, लेकिन पुलिस ने उसे पकड़ लिया। पीड़िता मां की माने तो गाँव के रहने वाले बेचन के लड़के शम्भू ने आकर बताया, कि जाओ तुम्हारा  लडका मर गया है। जब वहां पहुंच कर परिजनों ने देखा तो श्रीकुञ्ज अग्रहरी की लाश पोखरे में पड़ी मिली।

परिजनों के पूछताछ में पता चला कि मृतक किसी लड़की को गिफ्ट देने जा रहा था, और उसी के चारो भाइयो ने मारा है। उसके बाद से ही न्याय नहीं मिलने पर पीड़ित मां ने बुधवार तो आत्महत्या करने के लिए एसएसपी आफिस पहुंची थी।

इस पूरे मामले पर पुलिस का क्या कहना है, वो भी सुनिए। पुलिस की माने तो 2 जनवरी को एक मुकदमा पंजीकृत हुआ था। इस महिला के बेटे की दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी। उसके बाद वादी के तरफ से 302 का मुकदमा भी दर्ज कराया गया था। उसको लेकर जब विवेचना कराई गई, तो सभी साक्ष्य दुर्घटना के पाए गए। पीड़ित परिजनों ने इसे हत्या का मामला बताया और एक व्यक्ति को नामजद किया है।

आरोप है कि सुस्ती व लापरवाहीपूर्ण तरीके से पुलिस ने केस को खराब कर दिया और अब उसे साक्ष्य नहीं मिल रहे। पुलिस को एक्सीडेंट ही लग रहा है इसी से आह्त होकर लालमती ने आत्महत्या का प्रयास किया। हत्या की तफ्तीश में नाकाम पुलिस की तत्परता से लालमती को बचा लिया गया।

एक मां द्वारा हत्या की बात कहना और पुलिस की तरफ से उसे एक्सीडेंट करार देना, यह रस्साकशी अभी भी बना हुआ है। फिलहाल वजह जो भी हो, लेकिन एक बात तो साफ़ है, कि उस मां के दर्द का अंदाजा कोई नहीं लगा सकता है, जिसके वजह से उसने अपने जीवन को समाप्त करने का फैसला कर लिया। इस मां का अगर शक सही है, तो उसे इंसाफ कब मिलेगा, ये कहना मुश्किल है। और अगर हत्या नहीं एक्सीडेंट है, तो उसकी लाश पोखरे में कैसे पहुंची ये एक बड़ा सवाल है, क्योंकि श्रीकुंज अग्रहरी गिफ्ट देने गया था नहाने नहीं।

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