गोरखपुर

खुशखबरी: रेलवे रोडवेज के साथ ही कचहरी बस स्टैंड भी एयरपोर्ट की तरह होगा विकसित

गोरखपुर: अगर आप राप्तीनगर डिपो के कचहरी स्थित बस स्टैंड से बस पकड़ते हैं तो यह खबर आप को खुश कर देगी। अब यहां आने वाले यात्रियों को गंदे व टूटे- फूटे वेटिंग हॉल आदि अव्यवस्थाओं से निजात मिलने वाली है। ये बस स्टैंड जल्द ही नये रूप रंग में नजर आएगा। रोडवेज ने कचहरी बस स्टैंड का विस्तार करने का फैसला किया है।
साथ ही यहां की अन्य सभी व्यवस्थाएं भी चकाचक की जाने की तैयारी है। रोडवेज अधिकारियों के मुताबिक इसके लिए भेजे गए करीब 16 करोड़ रुपए के बजट पर स्वीकृति भी मिल गई है। बजट मिलते ही इसपर काम शुरू करा दिया जाएगा।
बता दें कि इससे पहले रेलवे स्टेशन के समीप गोरखपुर डिपो के विस्तार के लिए भी रोडवेज की ओर से 24 करोड़ का बजट बनाकर भेजा जा चुका है। रोडवेज अधिकारियों के मुताबिक विस्तार के क्रम में गोरखपुर डिपो ही प्राथमिकता है। कचहरी बस स्टैंड की तुलना में गोरखपुर डिपो से काफी अधिक बसों का आवागमन होता है और यहां आने- जाने वाले यात्रियों की संख्या भी काफी अधिक होती है। जबकि बस अड्डे की बात करें तो हालात काफी जर्जर हैं। उम्मीद है कि सरकारी बजट मिलते ही जल्द ही इन दोनों बस डिपो का कायाकल्प हो जाएगा।
परिवहन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक इसके लिए बस स्टैंड की पुरानी व जर्जर बिल्डिंग को तोड़कर नए भवन का निर्माण कराया जाएगा। इसमें यात्रियों के बैठने की समुचित व्यवस्था के लिए प्रतीक्षालय के साथ ही बेहतर बेंच, पेयजल, मनोरंजन हेतु टीवी आदि की भी व्यवस्था कराई जाएगी। इतना ही नही बसों के लिए लेन भी बनाई जाएंगी, ताकि सड़कों पर लगने वाले जाम की समस्या भी खत्म हो जाए।
साथ ही यहां खाने- पीने की चीजों के लिए यहां एक छोटा सा शॉपिंग काम्प्लेक्स भी बनाया जाएगा। ताकि यात्रियों को जरुरत की सभी चीजें डिपो के अंदर ही मिल सकें। इसके लिए यहां दुकानें विभिन्न लोगों को आवंटित की जाएंगी। साथ ही पूछताछ केंद्र की व्यवस्था भी और बेहतर की जाएगी।
बताते चलें कि इस डिपो में नियमित बसों की संख्या 92है,जबकि अन्य डिपो से आने वाली बसों की संख्या 250 है।जबकि कचहरी बस स्टैंड रोजाना आने वाले यात्रियों की संख्या 10 से 12 हजार लगभग है।
इस सम्बन्ध में रोडवेज के आरएम एसके राय का कहना है कि बस स्टेशन के विस्तार के लिए प्रस्ताव भेजा जा चुका है। इसके लिए मुख्यालय की ओर से स्वीकृति भी मिल गई है। वैसे गोरखपुर डिपो ही अहम प्राथमिकता है। बजट मिलते ही काम शुरू करा दिया जाएगा।

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