गोरखपुर

महापौर पर जमीन कब्जा करने का आरोप, जेठ ने कहा मामला राजस्व परिषद में विचाराधीन

mayor-relative-and-satya-paगोरखपुर: शहर की प्रथम महिला व बीजेपी से महापौर डॉ सत्या पाण्डेय का विवादों से चोली दामन का साथ रहा है। इस बार महापौर पर उनके अपनों ने ही पुश्तैनी 10 डिसमिल भूमि जबरन कब्जा करने का आरोप लगाया है। ये आरोप कोई और नहीं खुद को महापौर का जेठ बताने वाले राजेश दत्त पाण्डेय व उनके ममेरे भाई मोहन शुक्ल ने लगाया है।
इन्होंने कहा कि महापौर पद का दुरूपयोग करते हुए भूमि पर जबरन कब्जा करवा रही है। जबकि भूमि का मामला राजस्व परिषद् में विचाराधीन है।
बता दें कि बेतियाहाता मोहल्ला निवासी राजेश दत्त पाण्डेय ने अपने ममेरे भाई मोहन शुक्ला के साथ आज आरोप लगाया कि महापौर डॉ. सत्या पाण्डेय अपने पति विनोद पाण्डेय के साथ बेतियाहाता स्थित 30 डिस्मिल भूमि पर निर्माण करा कर रही है।
जिसमे 10 डिस्मिल भूमि को लेकर विवाद खड़ा हो गया है । जिसका मामला राजस्व परिषद् में लंबित है । बावजूद इसके महापौर ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए पिछले दिनों जबरन निर्माण करना सुरु कर दिया था । जिसकी सूचना मिलने पर हमलोगो ने स्थानीय प्रसाशन की मदद से निर्माण कार्य को रुकवाया है। जबकि मुक़दमे की अगली तारीख भी पड़ चुकी है । इन सब के बावजूद महापौर अपने पद का गलत इस्तेमाल कर रही है।
वही महापौर डॉ सत्या पाण्डेय ने अपने ऊपर लगे हुए आरोपो को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि जिन्हें मैं जानती तक नहीं वो मेरे रिश्तेदार कैसे हो सकते है । ये मेरी राजनीतिक छवि को खराब करने की साजिश है। भूमि पर कब्जे का प्रयास करने की बात पूरी तरह से मनगढ़ंत और झूठी है।

Related Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *