गोरखपुर

डीडीयू कार्य परिषद ने पारित किये कई निर्णय, नए शोध अध्यादेश के अनुरूप आयोजित की जाएगी प्रवेश परीक्षा

डीडीयू कार्य परिषद ने पारित किये कई निर्णय, नए शोध अध्यादेश के अनुरूप आयोजित की जाएगी प्रवेश परीक्षा

गोरखपुर: दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय की सर्वोच्च निर्णयकारी निकाय कार्य परिषद की एक बैठक कुलपति प्रो विजय कृष्ण सिंह की अध्यक्षता में संपन्न हुई।जिसमें प्रमुख रुप से निम्नलिखित निर्णय लिए गए। कार्य परिषद ने निर्णय लिया कि शोध में रिक्त पदों के सापेक्ष नेट एवं जेआरएफ अभ्यर्थियों का प्रवेश वर्तमान में प्रवृत्त शोध अध्यादेश के अनुरूप लिया जाए।

अन्य अभ्यर्थियों के लिए प्रवेश परीक्षा नए शोध अध्यादेश के अनुरूप आयोजित की जाएगी । कार्य परिषद ने 29 जनवरी 2018 को संपन्न वित्त समिति की संस्तुतियों को भी स्वीकार कर लिया ।

अपने परिसर में बीएड पाठ्यक्रम पुनः प्रारंभ करने के लिए प्रत्यावेदन देने वाले दो महाविद्यालय विद्यार्थी पीजी कॉलेज जगदीशपुर बरडीहा तथा किसान महाविद्यालय पकौली हाटा कुशीनगर द्वारा एनसीटीई से प्राप्त अनुमति पत्र के संबंध में निर्णय लिया गया कि कुलपति द्वारा एक समिति का गठन किया जाए जो इस विषय में परीक्षण कर अपनी राय दे जिसके आधार पर अनुमति संबंधी निर्णय लिया जाए।

इसके अतिरिक्त पूर्व में विधि पाठ्यक्रम संचालित करने वाले रेडियंट लॉ कॉलेज द्वारा पाठ्यक्रम स्थगित करने तथा अपनी जमा राशि पुनः प्राप्त करने संबंधी प्रत्यावेदन के परीक्षण हेतु भी एक समिति गठित करने का निर्णय लिया गया। कार्य परिषद ने सत्र 2017 -18 में हुए शीतावकाश में शामिल 5 अतिरिक्त दिनों को ग्रीष्मावकाश में से घटाने का निर्णय भी लिया।

इसके अतिरिक्त कार्य परिषद ने रसायन विज्ञान विभाग के प्रोफेसर एसके सेनगुप्ता को प्राप्त शिक्षक श्री सम्मान के प्रावधानों अंतर्गत 2 वर्ष का सेवा विस्तार देने को भी अपनी मंजूरी प्रदान की।

प्राणि विज्ञान विभाग के डॉक्टर सुनील कुमार श्रीवास्तव द्वारा प्रस्तावित विभाग के पूर्व अध्यक्ष स्वर्गीय डॉक्टर कृष्ण स्वरूप स्मृति स्वर्ण पदक प्रदान किए जाने के प्रस्ताव को भी कार्य परिषद ने अपनी मंजूरी दे दी। साथ ही यह निर्णय भी लिया गया कि भविष्य में ऐसे प्रस्तावों के संबंध में एक स्पष्ट नियमावली बनाई जाए।

कार्य परिषद ने भूगोल विभाग के प्रोफेसर के एन सिंह तथा प्राचीन इतिहास विभाग के प्रोफेसर ईश्वर शरण विश्वकर्मा के क्रमशः कुलपति एवं चेयरमैन उच्च शिक्षा आयोग के रूप में नियुक्त होने के पश्चात उनके द्वारा धारित किए जा रहे दीनदयाल शोध पीठ तथा रूसा के कार्यकारी पद पर क्रमशः प्रो एन पी भोक्ता तथा प्रो वी एस वर्मा की नियुक्ति को भी अपनी मंजूरी दी।

इसके अतिरिक्त कार्य परिषद ने कुलपति प्रो विजय कृष्ण सिंह द्वारा प्रस्तुत प्रस्ताव के अनुरूप भूगोल विभाग के आचार्य प्रो एस के दीक्षित को प्रतिकुलपति नामित किए जाने को अपनी स्वीकृति प्रदान की। इसके अतिरिक्त प्रो सुष्मिता भट्टाचार्य की आचार्य पद की अर्हता तथा प्रो अनिता माइल्स के ऐच्छिक सेवानिवृत्ति के मामलों पर भी कार्यपरिषद ने मंजूरी प्रदान की।

पूर्वांचल संग्रहालय को विश्वविद्यालय की परिसंपत्तियों में सम्मिलित करते हुए कार्य परिषद ने इसके विकास के लिए दो लाख रूपय की राशि स्वीकृत की।

इसके अतिरिक्त कुलपति कार्यालय में कार्यरत श्री लाल बहादुर को सेवानिवृत्ति के उपरांत निर्धारित मानदेय पर 1 वर्ष का कार्यकाल दिए जाने को भी कार्य परिषद ने अपनी मंजूरी प्रदान की।

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