गोरखपुर

एनजीटी का कड़ा रुख, नदियों में प्रदूषण पर नगर निगम और प्रदेश सरकार पर ठोका जुर्माना

एनजीटी का कड़ा रुख, नदियों में प्रदूषण पर नगर निगम और प्रदेश सरकार पर ठोका जुर्माना

गोरखपुर: आमी, राप्‍ती, रोहिन नदी और रामगढ ताल में प्रदूषण रोकने को लेकर हो रही लापरवाही पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्‍यूनल (एनजीटी) ने कड़ी नाराजगी जताई है। गुरुवार को नगर निगम पर पांच लाख और प्रदेश सरकार पर एक लाख का जुर्माना लगाते हुए एनजीटी ने सम्‍बन्धित संस्‍थाओं को प्राकृतिक जल स्रोतों के संरक्षण और उन्‍हें प्रदूषण मुक्‍त बनाने के प्रति गम्‍भीर होने का संदेश दिया।अगली सुनवाई 10 मई को होगी। एनजीटी ने तब तक सम्‍बन्धित विभागों से ठोस कार्यवाहियां कर लेने और पूरी रिपोर्ट के साथ उपस्थित होने को कहा है।

बता दें कि आमी, राप्‍ती, रोहिन नदी और रामगढ़ ताल में प्रदूषण रोकने को लेकर हो रही लापरवाही पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्‍यूनल (एनजीटी) ने कड़ी नाराजगी जताई है। गुरुवार को एनजीटी ने सम्‍बन्धित संस्‍थाओं को प्राकृतिक जल स्रोतों के संरक्षण और उन्‍हें प्रदूषण मुक्‍त बनाने के प्रति गम्‍भीर होने का संदेश दिया।सुनवाई के दौरान एनजीटी में मौजूद रहे आमी बचाओ मंच के संयोजक विश्‍वविजय सिंह से मोबाइल पर हुई बातचीत में कहा कि जल दिवस पर गोरखपुर की नदियों और रामगढ़झील को लेकर एनजीटी का यह बड़ा फैसला है।

उनके वकील दुर्गेश कुमार पांडेय ने बताया कि जस्टिस जावेद रहीम सहित तीन सदस्‍यीय बेंच ने यह आदेश दिया है। उन्‍होंने बताया कि एनजीटी में विश्‍वविजय सिंह बनाम उत्‍तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, मीरा शुक्‍ला बनाम मुन्‍सिपल कार्पोरेशन गोरखपुर और सुनीता पांडेय बनाम भारत सरकार तीनों मामलों की एक साथ सुनवाई हो रही है।

एनजीटी ने इस वर्ष की शुरुआत में ही सुनवाई करते हुए अपने आदेश में नगर निगम, उत्‍तर प्रदेश सरकार, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, गीडा, मगहर-खलीलाबाद टाउन एरिया सहित विभिन्‍न विभागों से आमी, राप्‍ती, रोहिन और रामगढ़झील के प्रदूषण पर रोक की ठोस कार्ययोजना बनाने और उस पर तत्‍काल कार्यवाही शुरू करने को कहा था। इन  संस्‍थाओं से नदियों और झील में शहरी और औद्योगिक कचरे के बिना शोधन निस्‍तारण पर तत्‍काल रोक लगाने का आदेश भी दिया था।

लेकिन गुरुवार को सुनवाई के समय कार्यवाहियों की कोई ठोस रूपरेखा प्रस्‍तुत न कर पाने पर एनजीटी ने नाराजगी जताई। इसके साथ ही नगर निगम और प्रदेश सरकार पर जुर्माना भी लगाया। अगली सुनवाई 10 मई को होगी। एनजीटी ने तब तक सम्‍बन्धित विभागों से ठोस कार्यवाहियां कर लेने और पूरी रिपोर्ट के साथ उपस्थित होने को कहा है।

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