गोरखपुर

खुदा की इबादत करके मांगी बारिस की दुआ, कहा: नही होगी फसल तो कैसे पालेंगे पेट

Prayer-for-rainगोरखपुर: जिले में मानसून की तिथि होने के बावजूद कृषकों के चेहरे बारिस की राह तकते तकते उदास हो गए है। बोरिंग और पम्पिंग सेट चलाने के लिए आवश्यक डीजल के बढ़ते दामों ने इस महंगाई में उनकी कमर तोड़ डाली है। ऐसे में अब हर कोई अपने आराध्य देवी, देवता, अल्लाह को पुकार रहा है कि शायद उपरवाला उनकी अर्ज सुन ले और मुरझाते फसलों को जल देकर जीवन बचा ले।
ऐसे में बृहस्पतिवार को मानसून की देरी से परेशान हाल लोगों ने मुश्किलें कम करने के लिए बेलीपार क्षेत्र में अल्पसंख्यक वर्ग के साथ दर्जनों लोगों ने बारिश के लिए अपने खुदा बन्दे करीम से इल्तिजा करने के लिए खुले मैदान में नमाज़ पढ़ बारिश खातिर दुआ मांगी।
भीषण गर्मी से आमजन तो बेहाल है ही ,साथ ही मानसून के रह रह कर उमड़ घुमड़ कर चिढ़ाने से पेड़ पौधे भी सूखने लगे हैं। धान के फसल की रोपाई नहीं हो पा रही। भीषण गर्मी से खेतों में पपड़िया पड़ गई हैं। नदी, नाले सूख गए हैं।
जबकि इस क्षेत्र की प्रमुख जीवनदायिनी आमी नदी ताल में भी पानी न होने से सभी परेशां है और हर सुबह एक नई उम्मीद कि शायद आज बारिस हो के साथ फिर चल पड़ते है खेतो की तरफ। शायद ऊपर वाले की बेरुखी देखकर ही और इससे निज़ात पाने के लिए आज बेलीपार क्षेत्र के दर्जनों लोग आमी नदी के किनारे पहुंचे।
वहां खेतों के बीच खुले मैदान में नमाज़ अदा कर खुदा की इबादत कर बारिश के लिए दुआ मांगी। इनलोगों का कहना था कि बारिश नहीं होने से मनुष्य ही नहीं पेड़ पौधे, पशु-पक्षी तक परेशान हो गए हैं। अगर बारिश नहीं हुई तो पुरे साल परिवार और मवेशियों का पेट कैसे भरेगा।
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