गोरखपुर

अनन्त देव के निलम्बन पर सोशल साइट्स पर चला क्रिया-प्रतिक्रिया का दौर; पुलिसकर्मी भी आक्रोशित

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गोरखपुर (हरिकेश सिंह (वरिष्ठ संवाददाता): मंगलवार को कैंट थाने में सपा नेता की पिटाई की घटना में बुधवार को एसएसपी अनन्त देव के निलम्बन के बाद से ही सोशल मिडिया साइट्स व्हाट्सप, फेसबुक पर अब नेता, पुलिसकर्मी और आमजन की प्रतिक्रियाओं का वार-पलटवार चल रहा है।
एनकाउंटर स्पेशलिस्ट के नाम से प्रख्यात एसएसपी अनन्त देव के निलम्बन से आहत पुलिसकर्मियों में खासा आक्रोश है और इसके विरोध स्वरुप अगले एक दो दिन में कहीं न कहीं अपनी भड़ास निकलने को लामबंद हो सकते है। हालाँकि पुलिस विभाग में इस तरह के असोसिएशन पर रोक है।
SP-GKP-leader-Mohsin-Khan-post-on-facebookनिलम्बन से पहले सपा नेताओं ने पुलिसवालों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की थी। और निलम्बन होते ही उसका श्रेय भी लेने लगे। इसी बीच एक दरोगा की टिप्पणी पर सवाल- जवाब भी चला। दो लोग इतने गुस्से में आ गए कि उन्होंने पुलिसवालों को मां की गाली तक दे डाली।
सपा जिलाध्यक्ष डॉ मोहसिन खान ने अपने फेसबुक वाल पर सपा नेता गौरव यादव की मंगलवार को कैंट थाने में पिटाई की बात फोटो के साथ पोस्ट की। इस पर कुछ देर बाद से ही प्रतिक्रियाएं आने लगीं। सपा नेता गहरी नाराजगी जताते हुए मामले में फौरन कार्रवाई की मांग करने लगे।
The-victimसबने अपने-अपने तरह से कमेंट किया। मामले में नाटकीय मोड़ तब आया जब क्राइम ब्रांच के दरोगा आरएसराय की ओर से कमेंट आया। उनका कमेंट था–पहले यह जानें कि थाने में मां-बहन की गाली देगा तो यही होगा। आप लोगों का आचरण पूरा समाज देख रहा है और आप लोग अपने पैर में कील ठोंक रहे हैं।
दरोगा आरएस राय के कमेंट पर सपा नेता प्रह्लाद यादव ने लिखा-राय महोदय, आप पढ़े-लिखे तो जरूर होंगे क्या कानून पुलिस को मारपीट करने की इजाजत देता है? कोई कानून तोड़ता है उसके लिए न्यायपालिका है वह दंड देगी पुलिस नहीं।
Sp-workers-at-district-hospitalआरएस राय ने इस पर फिर कमेंट किया-भाई साहब, समस्या की जड़ में जाएं निष्पक्ष रूप से।
एक अन्य कमेंट में उन्होंने लिखा- आप यह देखें कि कोई 307 का मुल्जिम पुलिस थाने में गाली देगा तो क्या होना चाहिए। इस घटना से नाराज कुछ लोग एसएसपी के खिलाफ गुस्सा निकालने में हद से बाहर चले गए।
किन्हीं अशोक यादव और सुनील यादव ने भड़ास निकालते हुए एसएसपी और पुलिसवालों को मां की गाली तक दे डाली।
Doctors-checking-Gaurav-yadavटिप्पणियों और प्रतिक्रयाओं के बीच वीरेन्द्र प्रताप सिंह राय का कमेंट भी चर्चा में है।
उन्होंने भोजपुरी में लिखा- अब अपने पर परल बा त मिर्ची लगत बा सब दरोगा जी त रउवे पाचन के इशारे क कठपुतली भइल बानें।
जबकि इसके इतर व्हाट्सप साईट पर चल रही प्रतिक्रियाओं में कुछ लोग का मानना है कि पुलिस विभाग, खासकर सभी थानेदार आैर कप्तान की कैंट थाने में घुसकर मां-बहन-बेटी-रोटी करने वाले की पिटाई कर पुलिसवालों ने भारी गलती कर दी।
SP-leaders-at-district-hospitalमुख्यमंत्री कहते हैं कि जिले में कानून-व्यवस्था दुरुस्त होनी चाहिए। इसमें गड़बड़ी मिली तो सीधे डीएम आैर कप्तान पर कार्रवाई होगी। सो कानून ने अपना काम किया। एेसे सपाई गुंडे चाहे वह जो भी हो, उसकी जमकर तुड़ाई की तो किस लिए? कानून-व्यवस्था जिंदा रहे, शायद यह बताने के लिए।
सबसे बड़ा सवाल यह नौबत ही क्यों आई। वजह पूर्व जिलाध्यक्ष गोपाल यादव व उनके भाइयों में चल रहा जमीनी विवाद, जिसमें एक दिन पहले यानि सोमवार की रात गोली चली आैर कई लोग घायल हो गए। इसके बाद गोपाल यादव के बेटे गौरव यादव ने थाने में जाकर सबकी मां-बहन की।
Gaurav-Yadavव्हाट्सप पर दिए गए रायसुमारी में एक वरिष्ठ पत्रकार का मानना है कि यदि जिले या प्रदेश में पुलिस का इकबाल बुलंद नहीं होगा तो आम लोगों की जिंदगी कैसे चलेगी, आज कैराना आैर कांधला आैर मुजफ्फरनगर की घटनाएं क्यों हुंई। शायद यह सभी जानते हैं।
यदि मुख्यमंत्री अखिलेश ये गंभीर निर्णय ले सकते हैं, तो उन्हें यह भी पता करना चाहिए कि जिसके लिए उन्होंने यह निर्णय लिया उसका बैकग्राउंड क्या? साथ ही उनकी तरफ से की गई कार्रवाई सही है क्या? सोचने की जरूरत है वह भी तब जब विधान सभा चुनाव अगले वर्ष है।
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