गोरखपुर

मुद्रा आसन में होगी पीएम द्वारा स्थापित की जाने वाली ब्रह्मलीन अवैद्यनाथ की मूर्ति

mahant-avaidyanathगोरखपुर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में 22 जुलाई को गोरखनाथ मंदिर में ब्रम्हलीन महंत अवैद्यनाथ की समाधि मंदिर में जिस मूर्ति की स्थापना होगी। वह मुद्रासन में होगी।
मुद्रासन में चेहरे पर आभा मण्डित बिखेरे हुए महंत अवैद्यनाथ की अलौकिक मूर्ति को तैयार करने में लगभग डेढ़ वर्ष का समय लगा है। इस मूर्ति को जयपुर के मूर्तिकारों द्वारा संगमरमर के पत्थर को तराश कर तैयार किया गया है।
बता दें गत 11 सितंबर को 2014 में गोरक्ष पीठाधीश्वर महंत अवैद्यनाथ ब्रह्मलीन हुए थे ।ब्रम्हलीन महंत की समाधि उनके गुरु महंत दिग्विजय नाथ की समाधि स्थल के बगल में बनाया गया गुरु की समाधि मंदिर की ही तरह है।
गोरक्ष पीठाधीश्वर महंत योगी आदित्यनाथ ने भी अपने गुरु की समाधि मंदिर व मूर्ति के लिए कोई कोर कसर नहीं छोड़ रखा है। समाधि मंदिर अपनी अलौकिक छटा बिखेर रही है। इस मंदिर में प्रधानमंत्री ब्रम्हलीन महंत की मुद्रा आसन की मूर्ति की स्थापना होगी । मूर्ति बनाने का कार्य गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ 31 जनवरी 2015 को जयपुर के मूर्तिकार को दिया था।
मूर्ति मई 2016 में बनकर तैयार हो गई थी और बीते जून माह में गोरखनाथ मंदिर में पहुंच गई है । मूर्ति स्थापना के एक-दो दिन पहले इस मूर्ति को समाधि मंदिर में तय स्थल पर रखकर देखा जाएगा और कोई कमी होगी तो तत्काल दूर कर दिया जाएगा ।
इनके भी है समाधि और मंदिर
गोरखनाथ मंदिर के गर्भगृह एवं गुरु गोरखनाथ के मुख्य मंदिर के दक्षिण में महंतों की समाधि और मंदिरों का निर्माण हुआ है । इन समाधि में श्री श्री 108 बाबा नवमी नाथ जी महाराज, महंत श्री ब्रह्नामनाथ जी महाराज, श्री श्री योगीराज गंभीर नाथ जी महाराज, श्री महंत दिग्विजय नाथ जी महाराज एवं अब महंत अवैध नाथ जी महाराज की समाधि होगी।

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