गोरखपुर

निजीकरण से नाराज विद्युतकर्मियों ने किया कार्य बहिष्कार, चल रहा धरना

निजीकरण से नाराज विद्युतकर्मियों ने किया कार्य बहिष्कार, चल रहा धरना

गोरखपुर: निजीकरण से नाराज बिजली निगम के अफसरों और कर्मचारियों ने बुधवार से आरपार की लड़ाई का एलान किया है। आज से अफसर और कर्मचारी इमरजेंसी सेवाओं को छोड़कर कार्य बहिष्कार शुरू किया।नाराज विद्युतकर्मियों ने मोहद्दीपुर स्थित चीफ इंजीनियर के कार्यालय के सामने इकट्ठा होकर प्रदर्शन शुरू किया।

नाराज विद्युतकर्मियों का कहना है कि सरकार के ध्यानाकर्षण के लिए यह विरोध-प्रदर्शन हो रहा है। प्रदर्शन पर बैठे अभियंता अजित ने कहा कि सरकार के एक निर्णय से प्रदेश के पांच शहर न सिर्फ घाटे में जाएंगे, वरन उपभोक्ताओं को भी परेशान होना पड़ेगा। वही जनता को इस प्रदर्शन से परेशानी न हो इसके लिए बिजली की आपूर्ति, फाल्ट को तत्काल ठीक करने का कार्य पूर्व की तरह जारी रहेगा। आफिस के कार्य, राजस्व वसूली और बकायेदारों से वसूली नहीं की जाएगी। बिजली बिल काउंटर बंद रखे जाएंगे।

वहीं सरकार द्वारा पांच जनपदों में विद्युत विभाग के निजीकरण के विरोध में बिजली निगम के अफसरों और कर्मचारियों की हड़ताल को राज्य कर्मियों का समर्थन मिल जाने से उनका आंदोलन अब और तेज हो जाएगा। बुधवार को विद्युत संघर्ष समिति को दिए गए पत्र में पदाधिकारियों ने कहा कि वह बिजली कर्मियों की लडाई में उनके साथ हैं। इधर, मोहद्दीपुर स्थित चीफ इंजीनियर कार्यालय के सामने बिजली कर्मियों का धरना जारी है। कर्मियों का कहना है कि सरकार के ध्यानाकर्षण के लिए यह विरोध प्रदर्शन हो रहा है। हालाकि इमरजेंसी सेवाओं को बाधित नहीं किया गया है।

विद्युत कर्मचारी संघर्ष समिति के तत्वावधान में धरने पर बैठे अफसरों और कर्मचारियों को संबोधित करते हुए समिति के अध्यक्ष इस्माइल खान ने कहा कि सरकार के एक निर्णय से प्रदेश के पाच शहर न सिर्फ घाटे में जाएंगे वरन उपभोक्ताओं को भी परेशान होना पड़ेगा। अफसरों और कर्मचारियों का भी भविष्य अंधकारमय हो गया है। सरकार न जाने क्या सोच रही है। जिन पाच शहरों को निजी हाथों में देने का निर्णय लिया गया है वह सभी फायदे में चल रहे हैं और वहा आपूर्ति की व्यवस्था शानदार है। इन शहरों में फाल्ट भी तत्काल ठीक कराया जा रहा है। इस दौरान इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात अफसरों और कर्मचारियों को छोड़कर सभी बिजली कर्मी मौजूद रहे।

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