गोरखपुर

यूपी में भाजपा की मुश्किलें बढ़ देंगी निष्काषित बीजेपी नेता का बयान

Sacked-BJP-laeder-Dayashankगोरखपुर: एक तरफ जहाँ यूपी फतह करने के लिए भाजपा का शीर्ष नेतृत्व जी जान से लगा हुआ है। इसके लिए पुरे प्रदेश में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी के ताबड़तोड़ यूपी के दौरे कर रहे है । इसी योजना के तहत ही प्रधानमंत्री ने अपने कैबिनेट में भी यूपी के सांसदों को खूब जगह दी और सूबे में हर सांसद, नेता को सक्रिय करने की भी कोशिशे लगातार जारी है।
मगर जातीय खांचे में फंसी यूपी की सियासत में बसपा सुप्रीमो के विरुद्ध भाजपा नेता दयाशंकर सिंह द्वारा दिया गया महज एक बयान भारी पड़ सकता है।
कल बुधवार को यूपी भाजपा के उपाध्यक्ष दयाशंकर सिंह ने मिडिया को दिए बयान में बसपा सुप्रीमो मायावती की तुलना वेश्या से की थी। वह भाजपा द्वारा तैयार किए जा रहे जातीय गोलबंदी पर बहुत भारी पड़ेगा।
हालाँकि अपने बयान के कुछ देर बाद भले ही दयाशंकर सिंह ने माफ़ी मांग ली और भाजपा ने आने वाली संभावित परिस्थितियों को देखते हुए उन्हें उपाध्यक्ष पद से हटाते हुए छह साल के लिए निकलने की घोषणा भी कर दिया । किंतुु बसपा की मूल जड़ दलितों के बीच अपनी पहुँच बनाने की कोशिश कर रही भाजपा के सारे किये कराये पर पानी फिर सकता है।
बता दें कि इसके पूर्व भी बिहार चुनावो से ठीक पहले संघ प्रमुख के आरक्षण पर बयान के बाद भाजपा को शर्मनाक पराजय का सामना करना पड़ा था।
मिशन यूपी 2017 को फतह करने के लिए बीजेपी ने जिस ढंग से दलित वोटो को बटोरने की रणनीति बनायीं और इसी योजना को क्रियान्वित करते हुए खुद अमित शाह दलित भोज और बौद्ध धम्म यात्रा के जरिये माहौल बनाने की कोशिशो में जुटे है । जिसके चलते जगह जगह बाबा भीमराव अम्बेडकर के अनुयायी होने का दम भी भरते रहे है। किन्तु दयाशंकर सिंह का यह बयान अब बीजेपी को इस वर्ग की निगाह में खलनायक साबित करने के लिए पर्याप्त है।

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