गोरखपुर

सांसद प्रवीण निषाद, कमलेश पासवान को ज्ञापन सौंप शिक्षामित्रों ने सुनाई अपनी समस्या, लगाई मदद की गुहार

सांसद प्रवीण निषाद, कमलेश पासवान को ज्ञापन सौंप शिक्षामित्रों ने सुनाई अपनी समस्या, लगाई मदद की गुहार

गोरखपुर: उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ ने प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर अपनी समस्याओं से संबंधित ज्ञापन संघ के प्रदेश संगठन मंत्री रामनगीना निषाद के नेतृत्व में बांसगांव संसदीय क्षेत्र के बीजेपी सांसद कमलेश पासवान व सदर गोरखपुर के सांसद इं प्रवीण निषाद को सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से 25 जुलाई को शिक्षामित्रों के विरुद्ध सुप्रीम कोर्ट से आए फैसले के बाद जो संकट पैदा हुई है उसे अविलंब दूर करने की मांग की गई। जिस पर सांसदगण ने अपनी पूरी सहानुभूति शिक्षा मित्रों के प्रति जताते हुए गंभीरता पूर्वक बात उठाने का भरोसा दिया ।

गौरतलब है कि विगत 25 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट द्वारा शिक्षामित्रो का सहायक अध्यापक बनने का समायोजन रद किये जाने के बाद पूरे प्रदेश के शिक्षामित्र आंदोलनरत हो गए,और तरह तरह से विरोध प्रदर्शन करने लगें।जिसमे गोरखपुर में हिंसात्मक आंदोलन के चलते लाठी चार्ज भी हुआ था। तब से ही उक्त प्रकरण में शिक्षामित्रों द्वारा न्यायालय में पुनर्विचार याचिका दायर की गई है।इसी मामले में सहायता हेतु बीते दिनों में शिक्षामित्र संगठन तमाम जन प्रतिनिधियों से भी अपनी व्यथा सुनाकर मदद मांगते रहे है।किन्तु अभी तक उन्हें कहीं से राहत नही मिल सकी है।

इसी क्रम में आज फिर से संघटन के लोग गोरखपुर के दोनों सांसदगण से मिलकर ज्ञापन सौंप मदद की गुहार लगाया है।आज ज्ञापन देने बालों में प्रदेश संगठन मंत्री रामनगीना निषाद, प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य दिलीप सिंह, जिला मीडिया प्रभारी बेचन सिंह, वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष अफजाल समानी ,जिला प्रचार मंत्री लालचंद निषाद, भटहट ब्लाक अध्यक्ष अशोक चंद्रा, पिपरौली ब्लाक अध्यक्ष राकेश साहनी, राजेश गौड़, राम भजन निषाद, इंदल प्रजापति, रामनिवास निषाद, आदि उपस्थित रहे।

शिक्षामित्रों की ये है प्रमुख माँगें

1. भारत सरकार द्वारा 9 अगस्त 2017 को पारित अधिनियम में वर्णित अधिकारों से शिक्षामित्रों को आच्छादित करते हुए न्यूनतम अर्हता प्राप्त करने हेतु चार वर्षों की छूट दिया जाय, जैसा कि उक्त अधिनियम को क्रियान्वित करके उत्तराखण्ड की लोकप्रिय सरकार ने शिक्षामित्रों के जीवन को सुरक्षित किया है।

2.सर्वोच्च न्यायालय के आदेश दिनांक 25 जुलाई 2017 के क्रम में जिसमें न्यायालय द्वारा शैक्षणिक आधार पर हुई भर्ती को ही सही माना है, के अनुपालन में 68500 भर्ती प्रक्रिया में आवेदित शिक्षामित्रों को शैक्षणिक मेरिट के आधार पर निर्विवाद रुप से सहायक अध्यापक बनाने की कृपा करें।

3. भारत सरकार की संस्था पीएबी द्वारा देश के पैराटीचरों का निर्धारित मानदेय व मा०उच्च न्यायालय के आदेश दिनांक 13.03.2018 (उ०प्र०प्राथमिक शिक्षामित्र एसोसिएशन बनाम उ०प्र०सरकार) के क्रम में प्रदेश के शिक्षामित्रों को नियत मानदेय ₹38878/- प्रदान करने की कृपा करें।

4.प्रदेश में बेसिक शिक्षा योजना के अन्तर्गत कार्यरत शिक्षामित्रों को विगत आठ माह से मानदेय नहीं प्राप्त हुआ है। उन्हें मानदेय दिलाने की कृपा करें।

5.सातवें वेतन आयोग के प्रभावी होने की तिथि से शिक्षामित्रों के अवशेष वेतन (एरियर माह जनवरी से 2016से दिसम्बर2016 तक) का अविलम्ब नगद भुगतान करने की कृपा करें।

(6) जिले मे दूर दराज में तैनात समायोजित शिक्षकाे को विकल्प देते हुए वर्तमान विद्यालय या मूल विधालय मे से किसी एक विधालय मे भेजा जाय।

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