गोरखपुर

शुरू हुई साइबर क्राइम पर पुलिसकर्मियों की त्रिदिवसीय ट्रेनिंग

IG-Mohit-Agrawal-at-police-गोरखपुर: आई जी जोन मोहित अग्रवाल ने कहा है की जहां विभिन्न क्षेत्रों में कम्प्यूटराइजेशन से जनता को सहूलियत हुई है, वही जनता/यूज़र्स की अज्ञानता से साइबर क्राइम को बढ़ावा मिलता है। पुलिस विभाग में साइबर एक्सपर्ट्स की कमी है,जिसके कारण साइबर क्राइम के बहुत से केसेज़ हम वर्कआउट नही कर पाते है और साइबर क्रिमिनल्स पुलिस की पहुँच से दूर रहते है।
पुलिस लाइन्स में त्रिदिवसीय साइबर क्राइम ट्रेनिंग कैम्प का उद्घाटन करते हुए आई जी ने बताया कि जैसा कि आप सभी जानते है कि वर्तमान समय कम्प्यूटर का समय है। पुलिस विभाग में तेजी से कम्प्यूटराइजेशन हो रहा है, सभी थानो को cctns के माध्यम से जोड़ा जा रहा है। FIR कम्प्यूटर पर दर्ज हो रही है, अब हम पेपरलेस थाने की तरफ बढ़ रहे है।
उनका कहना था की इस 3 दिन के ट्रेनिंग प्रोग्राम का उद्देश्य,पुलिसकर्मियों में साइबर अपराध की घटनाओं का अनावरण करने में एक्सपर्टाइज पैदा करना व अपने स्वयं के डाटा को किस प्रकार सुरक्षित रखा जाय,इसकी जानकारी देना है।
पुलिस कर्मियों को यह ट्रेनिंग सायबर जोन टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड द्वारा दी जायेगी। जिसमे सफलतापूर्वक कोर्स करने वाले को CSCU (सर्टिफाइड सेक्यूर कंप्यूटर यूज़र्स) का प्रमाण पत्र भी प्रदान किया जायेगा। यह प्रमाण पत्र EC-Council द्वारा मान्यता प्राप्त है। E C Council साइबर सुरक्षा पर विभिन्न सर्टिफिकेशन प्रोग्राम्स चलाता है एवम कॉंफ्रेंसेस को आयोजित करता है। इसका मुख्यालय न्यू मैक्सिको में है।
क्या सिखाया जाएगा ट्रेनिंग में:
1. स्वयं के डाटा को किस प्रकार सुरक्षित रखा जाय
2. बैंक्स फ्रॉड के बारे में जानकारी
3 इ मेल भेजने वाले का अड्रेस पता करने का तरीका
4 फर्जी फेसबुक आई डी बनाने वालो को किस तरह ट्रेस किया जाये
5 कौन सी वेबसाइट असली है और कौन नकली का पता लगाना
6 ऑनलाइन सोशल नेटवर्किंग एवम इ मेल कम्मुनिकेशन में क्या खतरे है, इन खतरों से कैसे बचा जाए
7 मोबाइल फोन यूज़र्स को क्या खतरे है एवम उनसे कैसे बचा जाये और वाई फाई प्रयोग करने में खतरे से बचने के उपाय।
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