गोरखपुर

प्रदेश सरकार सुना रही है गोरखपुर समेत पुरे यूपी की कहानियां, योजनाओं को बता रहे दिलचस्प अंदाज में

UP-Ki-Kahaniya-1गोरखपुर: कहानियां हर दौर में लिखी, पढ़ी और सुनी जाती रही हैं। कहानियों के जरिए हर मुश्किल बात आसानी से समझायी जा सकती हैं। प्रदेश सरकार ने इसे अच्छी तरह समझा और देश का पहला ऐसा राज्य बनने का गौरव हासिल किया। पहली बार नागरिकों तक जनोपयोगी जानकारी पहुंचाने के लिए कहानियों जैसे सशक्त माध्यम का सहारा लिया गया हैं।
उप्र सरकार ने जनता तक योजनाओं को पहुंचाने का आसान, दिलचस्प अंदाज निकाला हैं । प्रदेश सरकार द्वारा जिलों की कहानियां पढ़वाई जा रही हैं। योजनाओं को मनोरंजक रुप से बयान किया जा रहा हैं वह भी नि: शुल्क। पूरी किताब तैयार कराई गयी हैं। जिसका नाम दिया गया है यूपी की कहानियां और उप शीर्षक है बदलते उप्र की कहानियां।
UP-Ki-Kahaniyaप्रदेश सरकार द्वारा प्रकाशित
296 पन्नों की पुस्तक में 47 कहानियां हैं। पुस्तक का दबीचा (संपादकीय) लिखा है खुद सीएम अखिलेश यादव ने। सीएम कहानियों की उपयोगिता के बारे में लिखते है कि इसका मकसद सिर्फ प्रदेश सरकार की योजनाओं को जनता तक पहुंचाना हैं।
मुख्यमंत्री लिखते है कि रेडियों पर यूपी की कहानियों का सफर लगातार चल रहा हैं, बहुत सारे दोस्तों ने इसे किताब की शक्ल में पहुंचाने की राय दी, तो लीजिये हो गयी किताब तैयार। अब आपके हाथ में इसे सौंप रहा हूं, ताकि खुद पढ़े दूसरों को सुनायें। इस किताब को प्रकाशित किया सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग उप्र ने प्रकाशित किया है।
UP-Ki-Kahaniya-2किताब में गोरखपुर व महराजगंज की भी कहानियां हैं
कहानियों में प्रदेश की धर्म, संस्कृति, अदब, बोल-चाल, वेशभूषा, रहन-सहन आदि को बेहद दिलचस्प व नजाकत से बयान किया गया हैं । जहां गंगाघाट है ,वहीं फिरोजाबाद की चूड़ियों की खनक हैं , कहीं संगम है तो, कहीं लखनऊ की नजाकत हैं।
कहानियां दिलचस्प है अपना देश,बिटिया रानी, ईद मबारक, रुहानी, वतन, इत्र नगरी, कानपुर जिन्दाबाद, खनक चूड़ियों की, जायका, जुनैब का रामपुर, दुआओं की कालीन, बरेली का बाजार, फूलों की महक,तीर्थ यात्रा, हसरतें सहित अन्य कहानियां रोचक हैं। इस किताब में जिलें की खास मशहूर चीजों के जरिए योजनाओं को सलीके से जानकारी के धागे में पिरोया गय है। एक बार कहानी शुरु हुई तो खत्म होने तक दिलचस्पी बरकरार रहेगी।
इसमें महराजगंज की लिखी कहानी का नाम हैं हसरतें, लिखा हैं जमशेद कमर सिद्दीकी ने । वहीं गोरखपुर की कहानी तीर्थ यात्रा लिखी है शिखा द्विवेदी ने। कहानी रोचक है कहानी लिखने में प्रदीपिका, शिखा, जमशेद, पूजा, हर्षलता,अनुलता, अरविंद, शबनम, वृषाली आदि ने महती भूमिका निभायी हैं।
जनता तक पहुंचाने का जिम्मा जिले के सूचना विभाग को सौंपा गया हैं । आशा है जल्द ही यह किताब आपके हाथों में होगी बशर्ते जिले का सुचना विभाग अपने कच्छप आवरण से बाहर निकलकर शासन से आयी किताबो को दफ्तर के स्टोर रूम की शोभा सामग्री न बनाकर इसका वितरण शुरु करा दे।

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