सिद्धार्थनगर का हसुड़ी औसानापुर बनेगा यूपी का पहला आदर्श गाँव, ग्राम प्रधान दिलीप त्रिपाठी के जज़्बे को सलाम

सिद्धार्थनगर: ऐसे वक़्त में जब जनप्रतिनिधि और सरकारी कर्मचारी ज्यादातर अपने गलत कार्यों के लिए चर्चा में रहतें हैं वहां एक छोटे से गांव का ग्राम प्रधान अपनी लगन और मेहनत से अपने गांव को विश्व पटल पर लाने की जुगत में लगा हुआ है। हम बात कर रहें हैं प्रदेश के सबसे पिछड़े जिलों में से एक सिद्धार्थनगर के हसुड़ी गाँव और वहां के युवा ग्राम प्रधान दिलीप त्रिपाठी की।

पूर्वांचल के लोगों के लिए खुशखबरी है की सिद्धार्थनगर जिला मुख्यालय से 60 किलोमीटर दूर पश्चिम दिशा से भनवापुर ब्लॉक का गांव हसुड़ी औसानापुर प्रदेश का पहला आदर्श गाँव बनने की और अग्रसर है।

इस गाँव में वर्तमान समय में गाँव के मुख्य मार्ग, अन्दर और स्कूल में 23 सीसीटीवी कैमरे, 23 पब्लिक एड्रेस सिस्टम, हर तीसरे घर पर एक कूड़ादान, पूरे गाँव में 40 कूड़ादान, कॉमन सर्विस सेंटर, वाई-फाई लग चुका है। सभी सुविधाओं से युक्त प्राथमिक और जूनियर स्कूल तो ऐसे हैं की पब्लिक स्कूल भी उनके सामने पानी भरे। इस गाँव के प्राथमिक विद्यालय में फर्श पर टाईल्स लगे हुए हैं और शौचायल भी वेस्टन स्टाईल के हैं। जबकि ग्राहक सेवा केंद्र और वीडियों कांफ्रेंसिंग रूम अगले कुछ दिनों में बनकर शुरू हो जाएगा।

और इन सब कायाकल्प के पीछे हैं गाँव के 38 वर्षीय प्रधान दिलीप त्रिपाठी। फाइनल रिपोर्ट से टेलीफोन पर बात करते हुए उन्होंने बताया की ये सब कुछ करना उनके लिए कतई आसान नहीं था। उन्होंने बताया की जब उन्होंने अपने गाँव का कायाकल्प करने का निर्णय लिया तो हर कदम पर परेशानी और विरोध का सामना करना पड़ा।

श्री त्रिपाठी ने कहा की उनके हर कदम को लोगों ने शक की निगाह से देखा। ग्राम प्रधान ने बताया की जब उन्होंने गाँव में फ्री वाई-फाई लगवाने की बात की तो अन्य लोगों ने कहा की इस कदम से युवा बर्बाद होंगे और बेकार की चीज़ों को देखने के आदि हो जायेंगे। लोगों ने यहाँ तक कहा की सीसीटीवी लगाने से गाँव की सुरक्षा तो नहीं होगी उलटे गाँव की बहु बेटियों की इज्जत सुरक्षित नहीं रह पायेगी क्योंकि उसके माध्यम से उनपर नजर रखी जा सकती है।

खैर ‘जहाँ चाह वहीँ राह’ है की तर्ज पर दिलीप त्रिपाठी अपने काम में लगन के साथ लगे रहे है और उसी का नतीजा है की आज ये गाँव प्रदेश का पहला आदर्श गाँव बनने की और अग्रसर तो है ही खुद सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ ने त्रिपाठी से लखनऊ में मुलाकात के दौरान गाँव का दौरा करने की इक्षा जताई।

हसुड़ी औसानापुर के बारे में और बताएं तो यूपी का यह पहला ऐसा गाँव होगा जहाँ एक क्लिक पर आपको गाँव की हर जानकारी मिलेगी। यहाँ के लोगों को आय, जाति, निवास और ट्रेन टिकट के लिये अब कहीं भटकना नहीं पड़ता है, बल्कि गाँव में ही कॉमन सर्विस सेंटर पर अब ये काम पूरा हो जाता है।

श्री त्रिपाठी कहना है की “हमारी पूरी कोशिश हैं कि हमारी गाँव पंचायत उत्तर प्रदेश की पहली वाई-फाई युक्त पंचायत बने, गुजरात के पुंसारी गाँव की तर्ज पर हम अपने गाँव को बनाना चाहते हैं, गाँव का ऑनलाइन मैप इस ढंग से तैयार किया है जिससे महिलाएं और किशोरियां सुरक्षित रहें, लड़ाई-झगड़े कम हो और परिवार के बारे में सभी तरह की जानकारी उपलब्ध हो। ऐसा होने पर हमारा गाँव प्रदेश का पहला मॉडल गाँव बनेगा।”

गौरतलब है की इस जिले में 1199 ग्राम पंचायतें हैं, जिसमे 1190 वें नम्बर पर कम आबादी वाली हसुड़ी औसानापुर ग्राम पंचायत है, जिसमें 1124 की आबादी है। छोटी पंचायत होने की वजह से यहाँ एक साल का बजट लगभग पांच लाख आता है। इसके बावजूद यहाँ के युवा प्रधान दिलीप ने ये ठान लिया है कि गाँव अत्याधुनिक तकनीक से पूरी तरह से लैस हो जिसके लिए वो जगह-जगह जाकर जानकारी एकत्र करते रहते हैं।

कहाँ से मिली प्रेरणा

श्री त्रिपाठी ने बताया की गांव को स्मार्ट विलेज बनाने की उन्हे पुंसरी-बनासकांठा, गुजरात के एक गांव से मीली। उन्होंने बताया की पंचायती राज पर दिल्ली में हुए वर्कशॉप में पुंसरी-बनासकांठा-गुजरात की डॉक्यूमेंट्री देखी थी। तभी उन्होंने ठान लिया था कि जब पुंसरी देश का मॉडल विलेज बन सकता है तो हसुड़ी क्यों नहीं? उसके बाद उन्होंने गांव का रि-डेवलपमेंट प्लान तैयार करवाया।

इसी के आधार पर आज गांव में 23 जगह सीसीटीवी कैमरे, सात जगहों पर वाइफाई हॉटस्पॉट, पब्लिक एड्रेसिंग सिस्टम के तहत 23 जगह स्पीकर लगे हैं। पब्लिक एड्रेस सिस्टम की विशेषता यह है कि- प्रधान गांव में हो अथवा और कहीं भी, इंटरनेट के माध्यम से सीधे ग्रामीणों के साथ बातचीत कर सकते हैं।

क्या है अब गाँव की विशेषता

इस गांव के एक-एक मकान और उसके लोगों का डेटा वेबसाइट पर उपलब्ध है. यही नहीं गांव का पूरा मैप अलग से तैयार करवाया गया है। नेपाल बॉर्डर से लगे इस गांव का अपना डिजिटो मैप एवं वेबसाइट है। गांव के तालाब, गोचर भूमि, कृषियोग्य जमीन, नहर, सड़कें और कैन सा घर किसका है, जैसी सभी जानकारी सिर्फ एक क्लिक से प्राप्त की जा सकती है। अब इस वेबसाइट पर हर परिवार का डेटा फीड किया जा रहा है, जो एक क्लिक पर उपलब्ध होगा।

गाँव मे पोलिथिन के उपयोग को पूरी तरह बैन कर दिया गया है. उन्हें खुशी है कि ग्राम पांचायत के लोग भी इन कार्यों में बढ़ चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं और सहयोग भी कर रहे हैं।

दिलीप त्रिपाठी गुजरात के पुंसारी गाँव का भ्रमण भी कर चुके हैं। दिलीप त्रिपाठी बताते हैं, “पूरे गाँव का नक्शा इस हिसाब से तैयार किया है कि गाँव के बाहर के रास्ते, खेत गाँव के अन्दर कौन चीज कहाँ हैं, पूरी जानकारी मिल जाए, इन्टरनेट की स्पीड अभी स्लो है एक महीने में पूरा सिस्टम शुरू हो जाएगा।”

उन्होंने बताया की बरसात के बाद पूरा गाँव गुलाबी रंग से कलर करवाएंगे और दीवारों पर गाँव की पुरानी कलाकृतियाँ भी बनवाएंगे जिससे पुरानी संस्कृति बरकरार रहे, गाँव में किसी भी चीज की सूचना देने के लिए सुबह शाम एक समय निर्धारित करेंगे जिससे घर बैठे लोगों को साउंड सिस्टम से जानकारी मिल सके।

दिलीप का कहना है, “ग्राहक सेवा केंद्र से बैंक सम्बन्धी सुविधाओं का काम पूरा होगा, वीडियो कांफ्रेंसिंग सिस्टम से दूर बैठे कोई भी अधिकारी गाँव को कोई भी सन्देश दे सकते हैं। गाँव में किसी को कोई भी परेशानी हो तो मुझसे कह सकता है जितना मुझसे सम्भव होगा हम उसकी मदद करेंगे।”