आतंकवादी गतिविधियों के मद्देनज़र नौतनवा रेलवे स्टेशन पर एसएसबी व आरपीएफ की हुई गहन छानबीन

महराजगंज: शनिवार को सांय जनपद के सोनौली सीमा पर हिजबुल मुजाहिदीन के सदस्य नसीर की गिरफ्तारी के बाद सीमा पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। बॉर्डर पर बढ़ती आतंकी गतिविधियों के मद्देनज़र बुधवार को एसएसबी, नौतनवा पुलिस व आर पी एफ की संयुक्त टीम ने नौतनवा रेलवे स्टेशन पर छापेमारी कर संदिग्ध लोगों से गहन पूछताछ किया।

शनिवार को सांय नेपाल के रास्ते भारत में घुसने के प्रयास में सोनौली बॉर्डर पर एस एस बी ने हिजबुल मुजाहिदीन के ट्रेंड आतंकी नसीर अहमद वानी को दबोचा था। जिसके पास से पाकिस्तान का पासपोर्ट और कुछ महत्त्वपूर्ण दस्तावेज भी बरामद हुए थे। पुलिस और एस एस बी की पूछताछ में असलियत खुली तो उसने कई राज उगल डाले।

नसीर भारतीय सेना के खिलाफ पत्थबाज़ों को भड़काने की योजना पर काम करने कश्मीर जा रहा था। नसीर ने यह भी बताया था कि वह हिजबुल के साथ पाकिस्तानी आर्मी और पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आई एस आई से भी जुड़ा था। नसीर के अनुसार कश्मीरी मूल के आतंकियों को नेपाल और बांग्लादेश के रास्ते भारत भेजा जा रहा था।

दूसरे आतंकी की हो रही है तलाश

सुरक्षा एजेंसियां सोनौली सीमा पर गिरफ्तार नसीर के और साथी की तलाश कर रही है। गिरफ्तारी के बाद नसीर ने बताया था कि उसके साथ सदीक नाम का एक दूसरा आतंकी भी था। दोनों ने साथ में ही मुज़फ़्फ़राबाद में ट्रेनिंग ली थी। लेकिन नेपाल के त्रिभुवन एयरपोर्ट के बाहर निकलते ही सदीक ने नसीर का साथ छोड़ दिया। इसके बाद सदीक कहाँ गया, किससे मिला और उसकी आगे की कार्ययोजना सुरक्षा एजेंसियों को खटकने लगीं। जिसको लेकर सुरक्षा एजेंसियों की संयुक्त टीम ने बॉर्डर पर चौकसी बढाते हुए आज नौतनवा रेलवे स्टेशन पर भी गहन छानबीन किया।

रिटायर्ड कर्नल लेफ्टिनेंट भी एयरपोर्ट से हुआ था गायब

नसीर की मानें तो नेपाल से लापता होने वाला अकेले हिजबुल आतंकी सदीक ही नहीं है। उससे पहले भैरहवा एयरपोर्ट से पाकिस्तानी सेना का रिटायर्ड लेफ्टिनेंट कर्नल मोहम्मद हाबिद 6 अप्रैल से लापता है। कर्नल लाहौर से काठमांडू आया था। बताया जा रहा है की कर्नल लुम्बिनी जाने वाला था। लेकिन एयरपोर्ट के बाहर निकलते ही उसका गायब हो जाना सुरक्षा एजेंसियां इसे संयोग नहीं मान रही हैं।