दीपावली पूजन से पहले नहीं जलाने चाहिए पटाखे; जानिये क्यों?

image-for-representation-6दीपावली पर प्रभु नारायण के साथ इसलिए आतीं हैं क्योंकि कोई भी पतिव्रता स्त्री बिना पति के किसी के घर नहीं जाती। अगर स्नेह वस चली भी आये, तो पति का भय शीघ्र उन्हें वापस जाने पर मजबूर कर देगा। पति- पत्नी साथ होंगे तो आप का सम्मान पाकर दीर्घ कल तक महालक्ष्मी आपके घर रहेगी।

प्रसिद्द ज्योतिषगुरु पंडित धनेश मणि त्रिपाठी का कहना है की ध्यान रहे ! महालक्ष्मी अकेले उल्लू पर आती हैं, जबकि नारायण के साथ गरुण पर सवार होकर आती हैं। “एक ओर बात उल्लू हो या गरुण दोनों पक्षी है, ये पटाखे की तेज आवाज से भाग जाते हैं।”

पंडित जी ने बताया की अपने घर में पूजन के पहले पटाखे बिल्कुल न बजाये हो सके तो बाद में भी नहीं। यह भारतीय संस्कृति नहीं पाश्चात्यो की देन हैं। पटाखों की तेज आवाज से ये दोनों पक्षी माँ लक्ष्मी व् नारायण को लेकर आपके द्वार से शीघ्र चले जाते हैं।

उनका कहना है की पुरे विश्व में सर्वाधिक माँ लक्ष्मी की पूजा भारत में होती हैं, इसके बाद भी भारतीय और देशो की तुलना में समृद्ध नहीं हो पा रहे हैं। आखिर क्या कारण है? क्योंकि हम इन्हे बुला तो लेते हैं ,पर ठीक से सम्मान नहीं करते। जिससे रूठ कर माँ लक्ष्मी चली जाती है।

स्थिर समृधि, धन के लिए नारायण के साथ माँ लक्ष्मी का झालर से नहीं दीपकों से स्वागत व स्थिर लग्न में श्रधा पूर्वक यथा संभव पूजन करें। इनकी कृपा बनी रहेगी।

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस वर्ष दीपावली का स्थिर लग्न प्रातः 07:45 से 10 बजे, दोपहर 01:55 से 03:26 सायं 06:३९ से 08:२७ व् रात्रि 1 बजे से से 03:13 तक हैं।

(किसी भी शंका समाधान अथवा अपने विचार देने के लिए पंडित धनेश मणि त्रिपाठी से उनके व्यक्तिगत फ़ोन नंबर 07007922121 पर संपर्क किया जा सकता है)

Martia Jewels
Martia Jewels
Martia Jewels