गोरखपुर के भारतीय राजस्व सेवा के अधिकारी प्रद्युम्न को मिलेगा राष्ट्रपति पुरस्कार

गोरखपुर: महानगर निवासी और भारतीय राजस्व सेवा के अधिकारी डॉ प्रद्युम्न कुमार त्रिपाठी को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए राष्ट्रपति पुरस्कार दिया जाएगा। गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति देश के कुल 40 वाणिज्यिक सेवा के अफसरों को यह पुरस्कार देने की घोषणा करेंगे।

शहर के रुस्तमपुर निवासी श्री त्रिपाठी 2001 बैच के आईआरएस अधिकारी हैं। प्रद्युम्न वर्तमान में सिंगापुर हाई कमिश्नर में वाणिज्य सचिव प्रथम के पद पर तैनात हैं। मंगलवार को राष्ट्रपति भवन ने उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए देश के सर्वोच्च राष्ट्रपति पुरस्कार देने का निर्णय लिया।

गौरतलब है की श्री त्रिपाठी की पत्नी पारिमता त्रिपाठी सिंगापुर में डिप्टी हाई कमिश्नर हैं। श्रीमती त्रिपाठी 2001 बैच की भारतीय विदेश सेवा की अधिकारी हैं।

इतने बड़े अवार्ड के मिलने पर प्रद्युम्न के परिवारजन हर्ष से भरे हुए हैं। फाइनल रिपोर्ट से विशेष बातचीत में प्रद्युम्न के बड़े भाई पीडब्लूडी में कार्यरत अश्वनी त्रिपाठी ने बताया कि प्रद्युम्न बचपन से ही मेधावी छात्र रहें हैं और यह अवार्ड उनके प्रोफेशन के प्रति उनकी समपर्ण को दर्शाता है।

अश्वनी त्रिपाठी ने बताया की प्रद्युम्न की पहली पोस्टिंग फरीदाबाद में कस्टम विभाग में हुई थी। वह दिल्ली व अन्य कई राज्यों में भी कस्टम व केन्द्रीय उत्पाद कर विभाग में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। दो साल से सिंगापुर में वाणिज्य सचिव प्रथम के पद पर तैनात हैं।

दिल्ली के प्रतिस्थित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यायल के छात्र रह चुके प्रद्युम्न की प्रारंभिक शिक्षा दीक्षा प्रदेश के गोंडा जनपद में हुई। उन्होंने गोरखपुर के सेंट एंड्रूज डिग्री कॉलेज से बीएससी की डिग्री लेने के बाद दिल्ली का रुख किया जहाँ उन्होंने जेएनयू से परास्नातक और पीएचडी की उपाधि ली।