नरकटियागंज रेल प्रखण्ड: आरपीएफ की मिलीभगत से जहरखुरानी गिरोह फिर हुआ सक्रिय

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महराजगंज: शनिवार को गोरखपुर और बगहा के बीच चलने वाली डेमो ट्रेन में बिहार के लौकरिया थानाक्षेत्र के ग्रामसभा नेबियां निवासी 35 वर्षीय उमेश पुत्र हरिगोविंद को गोरखपुर में चाय बिस्किट में नशीला पदार्थ खिलाने वाले जहरखुरानी गिरोह ने उसका बैग व ढ़ाई हज़ार रुपया लूट लिया। सिसवा ट्रेन पहुंचने पर वह नशे की हालत में उतरा। जहाँ उसके गाँव के ही एक व्यक्ति से मुलाकात होने पर उसे घर लेकर चले गए।

बता दें कि गोरखपुर-नरकटियागंज रेल प्रखण्ड पर जहरखुरानी गिरोह सक्रीय है। सूत्रों की माने तो जहरखुरानों द्वारा आर पी एफ की मिली भगत से बीते एक वर्ष में कई घटनाओं को अंजाम दे लाखों रूपये लूट लिए गए। कार्रवाई के नाम पर महज खानापूर्ति कर दी गई। विभाग से जुड़े सूत्र बताते हैं कि कप्तानगंज में रेलवे पुलिस बल यानि आरपीएफ के संरक्षण में अनाधिकृत रूप से अंगद नामक एक युवक को दलाल के रूप में अवैध रूप से ठेका दिया गया है।

जिसके द्वारा ट्रेनों में चलने वाले अवैध वेण्डरों से वसूली के साथ-साथ जहरखुरानी गिरोह को प्रश्रय देकर गिरोह से लूट के माल के हिस्सेदारी भी ली जाती हैं। यही नहीं इस हिस्सेदारी में शरीक आर पी एफ के जवानों को अक्सर सिसवा रेलवे स्टेशन के आस-पास होटलों में शाम रंगीन करते हुए देखा जाता है।

जहरखुरानी की घटनाओं पर गौर करें तो ज़्यादातर घटनाएं गोरखपुर और पनियहवां के बीच घटित हो चुकी हैं। बताया जाता है कि लूट के शिकार यात्री अगर जी आर पी या आर पी एफ के पास जाता है, तो उससे तहरीर लेकर इलाज़ कराकर घर भेज दिया जाता है। और आगे की कार्रवाई टांय-टांय फिस्स हो जाती है। कई मामलों में तो देखा गया कि पीड़ित स्थानीय स्तर पर इलाज करा पुलिस को बगैर बताए घर चले जाते हैं। जिनकी जानकारी नही हो पाती। जिसके चलते घटनाओं पर अंकुश नहीं लग पा रहा हैं।

विगत एक वर्ष में जहरखुरानी की घटनाओं पर एक नज़र

केस नम्बर-एक
तारीख़-12 जुलाई 2016

जनपद के कोठीभार थानाक्षेत्र अन्तर्गत ग्रामसभा रामपुर खुर्द निवासी 32 वर्षीय पंकज पुत्र रामराज मुम्बई में शटरिंग का काम करता था। 11 जुलाई की रात में पंकज गोरखपुर पहुंचा। और 12 जुलाई को भोर में सप्तक्रान्ति एक्सप्रेस में सिसवा आने के लिए चढ़ा। मगर गोरखपुर और सिसवा के बीच में जहरखुरानों ने उसे लूट लिया। सिसवा स्टेशन पर बेहोशी की हालत में उतरते ही वह प्लेटफार्म पर नीचे गिर कर तड़पने लगा जिसकी एक घंटे बाद मौत हो गई।

केस नम्बर-दो
तारीख़- 20 सितम्बर 2016

बिहार प्रान्त के मोतिहारी निवासी सत्यनारायण साहनी पुत्र जिमदार झाँसी में एक मत्स्य पालन में काम करता था। छपरा गोल्ड एक्सप्रेस से 20 सितम्बर को घर जाने के लिए गोरखपुर पहुंचा।सवारी गाड़ी में सवार हुआ। परन्तु सिसवा और घुघली के बीच जहरखुरानों ने शिकार बनाकर उसके पास से सोने का नथिया और 13 हज़ार रुपया लूट लिया।

*केस नम्बर-तीन*
*तारीख़- 30 अक्टूबर 2016*

मोतिहारी जिले के मन्नी छपरा गाँव निवासी 52 वर्षीय आसनारायन पुत्र सूर्यदेव सिंह उत्तराखण्ड के लोहगार्ड में काम करता था। दिवाली पर घर जाने के लिये बच्चों के कपड़े, बीवी के लिये जेवर और 26 हज़ार नकदी लेकर 29 अक्टूबर की रात में गोरखपुर स्टेशन से मोतिहारी जाने वाली सवारी गाड़ी में सवार हुआ। जिसे सिसवा आते-आते जहरखुरानों ने लूट लिया।

*केस नम्बर-चार*
*तारीख़- 2 दिसम्बर 2016*

बिहार के चनपटिया निवासी मनीष साहनी मुम्बई से कमाकर घर वापस आरहा था।दो दिसम्बर को रात में गोरखपुर से सोनपुर तक चलने वाली सवारी गाड़ी में सवार हुआ। जिसे गोरखपुर और कप्तानगंज के बीच जहरखुरानों ने चाय पिला बेहोश कर उसके पास रखा नकदी और सामान लूट लिया। बेहोशी की हालत में जहरखुरानों ने उसे सिसवा स्टेशन पर उतार फरार हो गए।

*केस नम्बर-पांच*
*तारीख 19 अगस्त 2017*

बिहार के लौकरिया थानाक्षेत्र के ग्रामसभा नेबिया निवासी 35 वर्ष उमेश पुत्र हरिगोविंद दिल्ली से कमाकर घर जाने के लिए गोरखपुर आया। जिसे गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर लगी डेमो ट्रेन में दो व्यक्तियों ने उसे क्षेत्र का होने का परिचय देते हुए चाय बिस्किट खिलाया। जिसके बाद वह बेहोश हो गया। और जहरखुरान उसके जेब से ढ़ाई हज़ार नकद और उसका बैग लूट लिया।

*जिम्मेवारों का बयान*

इस सम्बन्ध में पूछे जाने पर आर पी एफ के कप्तानगंज प्रभारी सचिन ठाकुर का वेण्डरों से अवैध वसूली की बात को नकारते हुए कहना है कि जहरखुरानी गिरोह की सूचना मिलने पर आर पी एफ और राजकीय रेलवे पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा समय-समय पर ट्रेनों में छापेमारी कर गिरोह के सदस्यों को गिरफ्तार किया जाता है। समय-समय पर वेंडरों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाती है। अगर ऐसी शिकायत मिली तो जांचकर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।