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गोरखपुर में सबसे कम समय में बनकर तैयार होगा देश का सबसे अत्याधुनिक खाद कारखाना

गोरखपुर: देश का सबसे अत्याधुनिक खाद कारखाना अगले 36 माह में गोरखपुर की धरती पर बनकर तैयार हो जाएगा। इस परियोजना पर तेजी से कार्य चल रहा है। लगभग 63 सौ करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले इस खाद कारखाने को अत्याधुनिक बनाने के लिए बजट के अतिरिक्त ढाई सौ करोड़ रुपया और खर्च किया जाएगा। खाद कारखाने की प्रगति के बारे में शिलान्यासकर्ता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हर मांह संबंधित कार्यदायी संस्थान और विभाग से स्वयं जानकारी लेते रहते हैं।
बता दें कि कभी पूर्वांचल किसान का खिताब पाने वाली गोरखपुर का खाद कारखाना बीते एक दशक से ज्यादा समय से बंद चल रहा था। जिसको लेकर बराबर चुनावों में राजनीतिक दल सिर्फ वोट लेने के लिए बयानबाजी करते थे। गत 2014 में केंद्र में भाजपा की सरकार बनते ही बीते 22 जुलाई 2016 को देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने क्षेत्रीय जनता को चुनाव पूर्व दिए गए वादे को पूरा करते हुए इस खाद कारखाने को पुनर्नवीनीकरण करते हुए अत्याधुनिक और गैस प्लांट से सुसज्जित बनाने के लिए शिलान्यास किया था।
साथ ही इसमें ऊर्जा के तौर पर ईंधन प्रयोग करने के लिए जगदीशपुर गैस पाइप लाइन बिछाने की घोषणा भी की थी । जिसके तारतम्य में इस खाद कारखाने को तैयार करने के लिए केंद्र सरकार की तीन-तीन संस्थाओं ने जिम्मेदारी ली है।
प्रधानमंत्री के स्वयं रुचि लेने के कारण संबंधित कार्यदाई संस्थाएं इसे सबसे कम समय 36 माह बनाकर तैयार करने की योजना में लगी हुई है। जो कि पूरे देश में एक रिकॉर्ड बनेगा, क्योंकि इतने कम समय में अभी तक कोई भी खाद कारखाना नहीं बन पाया है। इस खाद कारखाने में 500 एकड़ जमीन में प्लांट की स्थापना की जाएगी। जबकि इसके बन जाने से रोजगार के साथ लोगों को खाद की किल्लत भी नहीं होगी।
स्थानीय लोगों के लिए स्किल डेवलपमेंट की व्यवस्था भी हो जाएगी। इसके निर्माण के टेंडर की प्रक्रिया बहुत जल्दी शुरू होने वाली है, और संभावनाएं बन रही है कि विदेशी कंपनी इसका निर्माण करेंगी। जबकि दशकों से बंद पड़े पुराने फर्टीलाइजर के कबाड़ को हटाने का काम पहले से ही शुरु हो गया है । इस फ़र्टिलाइज़र की खासियत होगी कि इसके प्लांट में 3850 मीट्रिक टन नीम कोटेड यूरिया का प्रतिदिन उत्पादन निर्धारित किया गया है और 1 वर्ष में 13 लाख मीट्रिक टन यूरिया का उत्पादन होगा।
इस खाद कारखाने के चलने से अन्य खाद कारखानों से अपेक्षाकृत इसकी उत्पादन क्षमता अधिक होगी। इसके उत्पादन से प्रदेश के अलावा अन्य जगहों पर भी खाद की कमी दूर होगी । बता दें कि खाद कारखाना के बनने के बाद यहां लगभग 400 विशेषज्ञ के तौर पर लोगों को नौकरी के अवसर मिलेंगे । जबकि परोक्,अपरोक्ष रूप से दो हजार कुशल ,अर्धकुशल लोगों को रोजगार मुहैया होगा । इसके अतिरिक्त परोक्ष रूप से डेढ़ हजार लोगों को रोजगार का अवसर प्राप्त होगा । परियोजना से जुड़े अफसरों की बातों पर गौर किया जाए तो फर्टीलाइजर में 100 एकड़ जमीन में अत्याधुनिक टाउनशिप विकसित की जाएगी।
इस में नौकरी करने वाले कर्मचारियों को आवास दिया जाएगा। साथ ही साथ एक अन्य लेबर कॉलोनी का निर्माण भी प्रस्तावित है । जिसमें फर्टिलाइजर में लेबर के रूप में कार्य करने वालों को आवास आवंटित किया जाएगा और पूर्व के फर्टीलाइजर टाउनशिप की ही तरह बाजार की भी व्यवस्था होगी। जिससे खाद कारखाना पहले के अपेक्षाकृत अधिक सुंदर दिखने लगेगा।
हालांकि अभी तक की इस खाद कारखाने की तात्कालिक क्रियाशीलता की देखरेख कर रही कंपनी हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड (एच यू आर एल )के प्रबंध निदेशक अरविंद कुमार बीते 21 अप्रैल शुक्रवार को यहां का मुआयना भी करके जा चुके हैं।

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