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गोरखपुर मंडी की सुधरेगी दशा, साढ़े तीन करोड़ रुपयों से होगा कायाकल्प

गोरखपुर: कहा गया है कि नाम बड़े और दर्शन थोड़े, बात कर रहे है जनपद गोरखपुर की मंडी की। यूँ तो गोरखपुर की मंडी पूर्वांचल के अनेक जिलों को माल आपूर्ति करती है किन्तु पूर्ववर्ती सरकारों की कामचलाऊ नीति के चलते बदहाल व्यवस्थाओं की मार झेलती आ रही महेवा मंडी में घुसते ही नाक पर रुमाल रखने का मन करता है। लेकिन खुशखबरी है कि इस मंडी का कायाकल्प करने की तैयारी में मंडी प्रशासन जुट गया है। इसके आमूल चूल बदलाव के लिए मंडी प्रशासन ने अब प्रदेश सरकार से साढ़े तीन करोड़ की मांग की है, जिससे यहाँ की व्यवस्था में बदलाव होगा।
लखनऊ में आयोजित राज्य मंडी परिषद निदेशक की मातहतों संग मीटिंग में प्रदेश की 21 विशिष्ट मंडियों का चयन कर गोरखपुर मंडी को भी भी शामिल किया गया है। मीटिंग के दौरान गोरखपुर के उप निदेशक प्रशासन विपणन केके सिंह ने साढ़े तीन करोड़ की लागत का प्रस्ताव भी डायरेक्टर के सामने प्रस्तुत किया। जिसके तहत मंडी की व्यवस्था सुधारते हुए जर्जर दुकानें, टूटी सड़कें, पेयजल, बिजली व्यवस्था सही कराने के साथ ही सौंदर्यीकरण का कार्य कराया जाएगा। मंडी प्रशासन के अनुसार बजट मिलते ही मंडी की रूपरेखा बदलने का ये कार्य शुरू हो जाएगा।
पूर्वांचल की सबसे बड़ी मंडियों में एक गोरखपुर की महेवा मंडी में फल- सब्जी, गल्ला और मछली का कारोबार बड़े पैमाने पर होता है। मंडी से जुड़ी व्यवस्थाओं के नाम पर कारोबार का ढाई प्रतिशत, मंडी प्रशासन व्यापारियों से टैक्स वसूल करती है। इस हिसाब से मंडी प्रशासन हर साल साढ़े चौदह करोड़ रुपए टैक्स शासन को देती है। इसके बावजूद भी मंडी स्थापित होने के बाद से ही यहां किसी प्रकार का निर्माण कार्य नहीं किया गया है।
मंडी में फल- सब्जी, गल्ला, मछली मिलाकर कुल 600 दुकानें हैं। इनमें से लगभग दो सैकड़े से अधिक दुकानें जर्जर हो चुकी हैं। वहीं, सड़कें टूट चुकी हैं तो वहीं जल निकासी का भी प्रबंध नहीं है। इसके अलावा पेयजल की भी कोई व्यवस्था नहीं है। इन समस्याओं को लेकर लंबे समय से व्यापारी मंडी प्रशासन के सामने विरोध जताते रहे हैं।जिले के मुख्यमंत्री होने के बाद बीते दिनों बुलाई गई राज्य मंडी परिषद डायरेक्टर की मीटिंग में महेवा को विशिष्ट मंडी का दर्जा मिलने से यहां की स्थिति सुधरने की उम्मीदें जवां हो रही है।
उप निदेशक के दिए गए प्रस्ताव पत्र के मुताबिक अगर इसके लिए बजट स्वीकृत होता है तो उससे एनएच- 28 से गल्ला मंडी तक हॉट मिक्स प्लांट से सड़क निर्माण,नवीन फल- सब्जी मंडी में बने सीसी रोड पैच का कार्य,सेफ्टी टैंक के साथ शौचालयों की मरम्मत का कार्य,तीन नीलामी चबूतरों व दुकानों के आगे लगे शेड की मरम्मत,फल- सब्जी मंडी के दुकानों की छतों की मरम्मत,मुख्य मार्ग पर आर सी सी डिवाइडर, चेम्बरों में ढक्कन लगाने का कार्य, मछली मंडी की दुकानों की मरम्मत व रंगाई- पुताई का कार्य किया जायेगा।इसके साथ ही गल्ला मंडी में रोड की पटरी व खाली जगह पर पार्किंग के लिए इंटरलॉकिंग का कार्य, छत के साथ जर्जर दीवारों के प्लास्टर, दरवाजे व खिड़कियों की मरम्मत और जल निकासी के प्रबंध करते हुए पांच यूरिनल(मूत्रालय ) का निर्माण करवाया जायेगा।
इस सम्बन्ध में उप निदेशक प्रशासन विपणन केके सिंह ने बताया कि डायरेक्टर की मीटिंग में मंडी को नया रूप देने के लिए प्रपोजल सौंप दिया गया है। हरी झंडी मिलते ही जल्द से जल्द कार्य शुरू करा दिए जाएंगे।

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