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शर्मनाक: यहाँ भी पिछड़ा गोरखपुर मंडल, देश में स्वच्छता सर्वेक्षण में महानगर को 314वां स्थान, देवरिया 338वें पर

गोरखपुर: केंद्र में सरकार बनते ही पीएम नरेंद्र मोदी ने हालांकि पूरे देश स्वच्छता अभियान की अलख जगाया था, किन्तु उनके इस अभियान का देश मे कितना असर हुआ,यह रिजल्ट आने के बाद पता चला और इसी रिजल्ट में प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का शहर गोरखपुर देश के सबसे अस्वच्छ 150 शहरों में से एक है।
केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय द्वारा इस जनवरी फरवरी के बीच देश के 434 शहरों कस्बों में कराए गए स्वच्छ सर्वेक्षण 2017 में उत्तर प्रदेश के गोरखपुर शहर को 314 वीं रैंक मिली है । इसी तरह देवरिया 338 वें स्थान पर तो बस्ती 386 वे स्थान पर है।
बता दें कि प्रधानमंत्री के आह्वान पर पिछले कई वर्षों में तीन शहरों में स्वच्छता के लिए कितने भी कार्यक्रम क्यों ना आयोजित किए गए हो ,पर सच्चाई ये है कि इन शहरों मे साफ-सफाई का बुरा हाल है । ठोस अपशिष्ट के निस्तारण की बात हो या फिर घर-घर से कूड़ा उठाने की योजना हर मामले में मुख्यमंत्री का शहर पिछड़ा हुआ है।
हालांकि शहर को साफ सुथरा रखने की प्रशासनिक जिम्मेदारी नगर निगम नगर पालिकाओं की है । गोरखपुर में नगर निगम के प्रयासों का आलम यह है कि घर-घर से कूड़ा उठाने की योजना सभी वार्डो में लागू नहीं की जा सकी है तो ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के पैमाने पर भी निगम की स्थिति बुरी है । तमाम प्रयासों के बाद भी आज तक शहर में ठोस अपशिष्ट पदार्थों के निपटारे की महेसरा में प्रस्तावित योजना पूरी नहीं हो सकी । मुख्य सड़क हो या गलियां , या फिर नवविकसित कालोनियां हो या पुरानी रिहायशी क्षेत्र हर जगह गंदगी का ढेर दिखाई पड़ना आम बात है ।
स्वच्छता मापन के लिए आवश्यक थे यह मानक
देश के 434 शहरों कस्बों में किये गए सर्वेक्षण के लिये स्वचछता संबंधी विभिन्न कारकों में घर-घर से कूड़ा एकत्रित करने सहित ठोस कचरे का प्रबंधन परिक्रिया और निपटान,खुले में शौच से मुक्ति की स्थिति कुल 200 अंकों का 45 प्रतिशत यानी 900अंक,नागरिकों की प्रतिक्रिया 30 फ़ीसदी यानी कुल अंको में से 600,स्वतंत्र अवलोकन 25 फ़ीसदी यानी 500 अंक मिलना था।
वही जब गोरखपुर की मेयर सत्या पाण्डेय से शहर के 314 वें रैंक पर जाने के बाबत पूछा गया तो उन्होंने कहा की यह स्थिति निराशाजनक है। हमने लगातार प्रयास किया है। लेकिन लगता है की अभी कमी रह गई। हम नये सिरे से कोशिश करेगे। सालिड वेस्ट मैनेजमेंट योजना की राह में अडचनो को हटाने के लिए मैंने प्रयास किया है ।हम फिर प्रयास करेगे। अगले सर्वक्षण में गोरखपुर स्वच्छ शहरों की शीर्ष रैंकिंग में शामिल होगा।

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