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गोरखपुर विश्वविद्यालय: अनगिनत IAS, IPS देने वाले इस संस्थान ने प्रदेश को दिए हैं तीन मुख्यमंत्री! 

dduगोरखपुर: दीन दयाल उपाध्याय विश्वविद्यालय ना केवल पढाई के मामले में पूर्वांचल का गौरव है बल्कि इस संस्थान में कुछ ऐसे लोगों ने भी अध्ययन किया है जिन्होंने आगे चल कर राजनीति के छेत्र में जम कर नाम कमाया। अनगिनत संख्या में आईएएस, आईपीएस, पीसीएस, बैंक पीओ, इंजीनियर, डॉक्टर और पत्रकार देने वाले इस संस्थान ने देश को एक गृह मंत्री के अलावा उत्तर प्रदेश को तीन मुख्य मंत्री भी दियें हैं।
विश्वविद्यालय का एक परिचय:
 
यह विश्वविद्यालय 1956 में अस्तित्व में आया और 1 सितम्बर 1957 से कार्य करना आरम्भ कर दिया। शुरू में केवल कला, वाणिज्य, विधि और शिक्षा संकाय आरम्भ किये गये। 1957 में विज्ञान संकाय आरम्भ हुआ। इंजीनियरिंग, चिकित्सा और कृषि के संकाय बाद के वर्षों में आये। पहले अवध विश्वविद्यालय फैजाबाद तथा जौनपुर विश्वविद्याल्य के कुछ महाविद्याल्य भी इसी विश्वविद्याल्य से सम्बद्ध थे।
DDU-University,-Gorakhpur
इस विश्वविद्याल्य का प्रांगण लगभग 300 एकड़ में पसरा हुआ है। शुरू में विश्वविद्यालय पन्त ब्लॉक और मजीठिया ब्लॉक में सीमित था। बाद के वर्षों में केन्द्रीय पुस्तकाल्य, कला ब्लाक, प्रशासनिक भवन, विधि संकाय, छात्रसंघ भवन, व्यायामशाला, स्वास्थ्य केन्द्र, कम्प्यूटर केन्द्र, आदि बने। इसके अलावा वर्तमान समय में वाणिज्य और शिक्षा संकायों के लिये अलग-अलग भवन हैं और गृहविज्ञान, भूगोल, मनोविज्ञान, समाजशास्त्र, हिन्दी, प्राचीन इतिहास, फाइन आर्ट्स एवं संगीत, राजनीति विज्ञान, वयस्क शिक्षा आदि के भी अलग भवन हैं।
दीक्षा भवन एक विशाल भवन है जिसमें बड़े-बड़े कमरे एवं एक आडिटोरियम है। इसमें पूर्व स्नातक छात्राओं की कक्षायें लगतीं हैं और परीक्षा हाल के रूप में इसका उपयोग किया जाता है। इलाहाबाद बैंक की एक शाखा और एक डाकघर भी विश्वविद्यालय के ही भाग हैं। सामाजिकी-मानविकी भवन बने अभी कुछ ही वर्ष हुए हैं। व्यवसाय प्रबन्धन विभाग तथा बायोटेक्नालोजी विभाग के भवन निर्मित हो चुके हैं।
इस विश्वविद्याल्य में अध्यापक एवं अन्य कर्मचारियों के लिये 125 से अधिक घरों की व्यवस्था है। लगभग इतने ही घर गैर-शैक्षिक कर्मचारियों के लिये हैं।
विश्वविद्याल्य में 6 छात्रावास है:
 
सन्त कबीर छात्रावास (परा स्नातक छात्रों के लिये)
गौतम बुद्ध छात्रावास (शोध छात्रों के लिये)
स्वामी विवेकानन्द छात्रावास (विधि के छात्रों के लिये)
एन सी छात्रावास (पूर्व स्नातक छात्रों के लिये)
महारानी लक्ष्मीबाई छात्रावास (केवल छात्राओं के लिये)
अलकनन्दा छात्रावास (केवल छात्राओं के लिये)
आइये जरा नज़र डालते इस संस्थान के उन पूर्व छात्रों पर जिन्होंने राजनीति में अपना सिक्का जमाया:
 
राजनाथ सिंह: वर्तमान में केंद्रीय गृह मंत्री तथा उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री राजनाथ सिंह दीन दयाल उपाध्याय विश्वविद्यालय के छात्र रह चुकें हैं। एक सबसे गौर करने वाली बात यहाँ यह भी है की इस बार विश्वविद्यालय के 34 वें दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ही होंगे।
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वीर बहादुर सिंह: कभी कांग्रेस के कद्दावर नेता रहे और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री पद को शुशोभित कर चुके स्वर्गीय वीर बहादुर सिंह ने भी इस संस्थान की शोभा बढ़ाई थी। वीर बहादुर सिंह 24 सितम्बर 1985 से 25 जून 1988 तक प्रदेश के मुख्य मंत्री रहे। बाद में तत्कालीन प्रधान मंत्री राजीव गांधी ने उन्हें 1988 में देश का संचार मंत्री भी नियुक्त किया था।
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माता प्रसाद पाण्डेय: 31 दिसंबर, 1942 को जन्मे वर्तमान विधान सभा के स्पीकर माता प्रसाद पाण्डेय भी  दीन दयाल उपाध्याय विश्वविद्यालय के छात्र रह चुकें हैं। श्री पाण्डेय इस समय प्रदेश के इटावा विधान सभा छेत्र से विधायक हैं। वह 1980, 1985, 1989, 2002, 2007 और 2012 में विधान सभा के लिए चुने जाते रहें हैं।
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जगदम्बिका पाल: डुमरियागंज से भारतीय जनता पार्टी के सांसद जगदम्बिका पाल भी गोरखपुर विश्वविद्यालय के छात्र रह चुके हैं। श्री पाल 21 फ़रवरी, 1998  से लेकर 23 फरवरी, 1998 तक तीन दिनों के लिए प्रदेश मुख्यमंत्री भी रह चुकें हैं। भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने से पूर्व जगदम्बिका पाल डुमरियागंज से ही पिछली लोक सभा में कांग्रेस के सांसद थे। वह उत्तर प्रदेश कांग्रेस के अद्यक्ष भी रह चुके हैं।
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चन्द्रपाल सिंह यादव: झांसी से समाजवादी पार्टी के सांसद चंद्रपाल सिंह यादव भी  दीन दयाल उपाध्याय विश्वविद्यालय के छात्र रह चुकें हैं।
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