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पद्मावत विवाद: सुप्रीम कोर्ट की डबल बेंच में अपील करेगी राजपूत करणी सेना, बैन लगाने की करेगी मांग

 राजपूत करणी सेना सुप्रीम कोर्ट में करेगी पद्मावत बैन लगाने की  मांग

नई दिल्ली: सर्वोच्च न्यायालय द्वारा संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावत को राष्ट्रीय स्तर पर रिलीज करने का रास्ता साफ करने के बाद फिल्म की मुख्य विरोधी श्री राजपूत करणी सेना ने कहा है कि वह इस आदेश के खिलाफ उच्चतम न्यायालय की डबल बेंच में याचिका दायर कर फिल्म पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने की मांग करेगी।

एक वीडियो संदेश में संगठन के अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी ने कहा कि फिल्म पर प्रतिबंध लगाने के लिए वे लोग राष्ट्रपति से मिलने की कोशिश भी करेंगे। उन्होंने कहा कि वे इस फिल्म का प्रदर्शन नहीं होने देंगे।

करणी सेना के अध्यक्ष ने कहा कि उन्होंने इस संबंध में प्रधानमंत्री को पत्र लिखा है और जल्द ही राष्ट्रपति से मिलने की कोशिश करेंगे। उन्होंने घोषणा करते हुए कहा 24 जनवरी को चित्तौड़गढ़ में हजारों महिलाएं जौहर करेंगी। उन्होंने कहा कि जहां आम आदमी को अगली तारीख जानने के लिए महीनों चक्कर लगाने पड़ते हैं, वहीं संजय लीला भंसाली की याचिका पर तुरंत सुनवाई होना ‘सर्वोच्च न्यायालय के कामकाज पर सवाल उठाता है.’

सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बारे में पूछने पर राजस्थान के गृह मंत्री गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि उन्हें अभी ही न्यायालय के आदेश की जानकारी मिली है। इस आदेश की समीक्षा करने के बाद निर्णय लिया जाएगा।

उधर, उच्चतम न्यायालय ने आज हिन्दी फिल्म ‘पद्मावत’ की 25 जनवरी को देशभर में रिलीज का रास्ता साफ कर दिया। शीर्ष अदालत ने गुजरात और राजस्थान में इस विवादित फिल्म के प्रदर्शन पर लगी रोक हटा दी। शीर्ष अदालत ने अन्य राज्यों पर फिल्म के प्रदर्शन पर पाबंदी लगाने की इस तरह की अधिसूचना या आदेश जारी करने पर रोक लगा दी।

शीर्ष अदालत ने दीपिका पादुकोण, शाहिद कपूर और रणबीर सिंह अभिनीत फिल्म की रिलीज को मंजूरी दी और राजस्थान और गुजरात सरकारों द्वारा इस फिल्म के प्रदर्शन पर पाबंदी के लिए जारी आदेश और अधिसूचना पर रोक लगाई।

हरियाणा और मध्य प्रदेश सरकारों ने कोई औपचारिक आदेश जारी नहीं किये थे लेकिन कहा था कि वे फिल्म के प्रदर्शन को अनुमति नहीं देंगे. प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि रंगमंच और सिनेमा जैसी रचनात्मक सामग्री संविधान के तहत दी गई अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार के ‘‘अभिन्न पहलू’’ हैं। अदालत ने कहा कि कानून व्यवस्था कायम रखना राज्यों का दायित्व है।

बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में ‘करणी सेना’ के कार्यकर्ताओं ने एक सिनेमा हॉल पर हमला किया और पद्मावत फिल्म के पोस्टर फाड़े. मुजफ्फरपुर के मिठनपुरा थाना अध्यक्ष विजय कुमार ने बताया कि करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने पद्मावत फिल्म के प्रदर्शन के विरोध में शहर में जुलूस निकाला और प्रदर्शन किया।

उन्होंने बताया कि करणी सेना के कार्यकर्ता हाथों में तलवार लिए ज्योति सिनेमा हॉल पहुंचे और वहां तोड़फोड़ की. कुमार ने बताया कि उन्होंने ज्योति सिनेमा हॉल परिसर में लगाए गए ‘पद्मावत’ फिल्म के पोस्टर फाड़ दिए। करणी सेना के कार्यकर्ताओ ने धमकी दी कि इस फिल्म को अगर प्रदर्शित किया गया तो वे उग्र आंदोलन करेंगे। थाना प्रभारी ने बताया कि इस सिलसिले में अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

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