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महापौर पद पर आरक्षण की स्थिति पर उहापोह, फिर भी दर्जनों कार्यकर्ता पेश कर रहे अपनी दावेदारी

गोरखपुर: गोरखपुर के नगर निगम के आसन्न चुनाव में महापौर पद की सीट आरक्षण के दायरे में आएगी या नहीं, यह अभी भविष्य के गर्भ में है। बावजूद इसके पूरे देश मे मोदी लहर को देखते हुए संभावित जीत के लिए महापौर पद के दावेदारों ने बीजेपी में अपनी-अपनी गोटियां सेट करनी शुरू कर दिया है।
अब जबकि नगर निकायों के चुनाव की घोषणा होने वाली है और प्रदेश का सीएम इसी जनपद का है।लिहाजा देश मे मोदी और प्रदेश में योगी की लहर को देखते हुए सम्भावित प्रत्याशियों द्वारा सबसे अधिक झुकाव भाजपा के टिकट को लेकर है। हालांकि मेयर के पद के लिए अभी तक किसी का नाम किसी भी राजनीतिक दल से अधिकृत रूप से घोषित नही हुआ है।
जबकि चुनाव पूर्व ही तमाम लोग अपनी अपनी तश्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल कर चुनाव जिताने की अपील करने में जुटे है।बात करें इस समय अपने बेहतर दौर में चल रही बीजेपी की तो इस पार्टी में भी कुछ पूर्व तो कुछ नए नेता चर्चाओं के माध्यम से अपना प्रचार कर रहे है। यहाँ तक कि अभी तक सब कुछ अंधेरे में है,फिर भी बीजेपी में गणेश परिक्रमा करने वालों की कमी नही है।कोई मन्दिर तो कोई लखनऊ स्थित सत्ता के गलियारे की परिक्रमा कर रहा है।नगर निकाय चुनाव जून-जुलाई में संभावित है।
राज्य निर्वाचन आयुक्त के अनुसार जून के पहले सप्ताह तक चुनाव कार्यक्रम घोषित किया जा सकता है। इससे पहले ही भाजपा में दावेदारों की लंबी कतार लग गई है। तमाम लोग चुनाव लड़ने को बेताब हैं। सभी अपना बायोडाटा भाजपा नगर अध्यक्ष के पास भेज रहे हैं। इनकी स्क्रीनिंग होगी, फिर नामों की सूची पार्टी आलाकमान को भेजी जाएगी। जहाँ पार्टी के आलाकमान से चर्चा और मुख्यमंत्री की सहमति के बाद गोरखपुर में मेयर पद के प्रत्याशी का नाम तय होगा।
हालांकि अभी इस मुद्दे पर सम्बन्धित दल का कोई भी जिम्मेदार मुंह खोलने को तैयार नही है। बावजूद इसके सूत्रों के मुताबिक 6 महिलाओं सहित एक दर्जन लोगों ने बीजेपी में महापौर पद हेतु अपनी अपनी दावेदारी पेश किया है।
बात करें नगर निगम के सर्वोच्च पद की,तो शुरुआत में गोरखपुर स्थित नगर निगम के पहले नगर प्रमुख पद को व्यवसायी पवन बथवाल ने सुशोभित किया था। उसके बाद बीजेपी से राजेन्द्र शर्मा महापौर, उसके बाद 9 मंत्रियों वाले जिले के नगर में किसी तरह के विकास कार्य न होने के कारण पब्लिक ने आक्रोशित होकर मेयर पद पर किन्नर आशा देवी उर्फ अमरनाथ यादव को विजयी बनाया।
इसके बाद से मन्दिर के प्रसाद स्वरूप श्रीमती अंजू चौधरी और उसके बाद मौजूदा मेयर डॉ. श्रीमती सत्या पाण्डेय इस पद की शोभा बढ़ा रहे हैं।

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