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क्या 2019 में साइकिल की सवारी की तैयारी में हैं भाजपा सांसद जगदम्बिका पाल!

राकेश मिश्रा
गोरखपुर: बीते कुछ दिनों से सोशल मीडिया में एक फोटो वायरल हो रहा है। तस्वीर डुमरियागंज सीट से भाजपा सांसद जगदंबिका पाल की है। फोटो में वो सपा अध्यक्ष और प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के साथ वो बैठ कर बात करते नजर आ रहे हैं। सोशल मीडिया में वायरल हो रही इस फोटो में अखिलेश यादव और भाजपा के सांसद जगदंबिका पाल एक अन्‍य शख्स के साथ बैठे नजर आ रहे हैं।

इस तस्वीर ने भारतीय जनता पार्टी की पेशानी पर बल तो जरूर ला दिया होगा। क्षेत्र में कार्य़कर्ता और जनता दोनों की नाराजगी और टिकट कटने की अफवाहों के बीच पाल का अखिलेश यादव से मिलना कोई छोटी घटना नहीं है। पाल इससे पहले पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के अंतिम संस्कार के मौके पर भी मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव के साथ दिखे थे। लेकिन तब माहौल कुछ दूर था इसलिए राजनीतिक पंडितों ने बात को ज्यादा तवज्जों नहीं दिया।

लेकिन बीते दिनों लखनऊ में अखिलश के साथ एक मुलाकात की फोटो के वायरल होते ही कई अटकलों को जन्म दिया। जानकारी के मुताबिक भाजपा 2019 के लोक सभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में अपने आधा से ज्यादा सांसदों का टिकट काटने की तैयारी में है। सूत्रों के अनुसार पाल का नाम भी उस लिस्ट में आ रहा है। फिर क्या था। राजनीति के माहिर खिलाडी जगदंबिका पाल अपनी सेटिंग में लग गए। अगर पाल सपा में चले जाते हैं और 2019 में महागठबंधन के प्रत्याशी बनते हैं तो उनका एक बार फिर संसद में जाना लगभग तय ही माना जा सकता है।

बता दें कि जगदंबिका पाल के संसदीय क्षेत्र डुमरियागंज में यादव के अलावा अच्छी खासी संख्या में मुस्लिम मतदाता भी हैं। 2019 में अगर सपा-बसपा का गठबंधन हुआ तब यह सीट समाजवादी पार्टी के खाते में जा सकती है। ऐसे समय में यह सीट गठबंधन के उम्मीदवार के लिए बिलकुल सेफ कही जा सकती है। और यही वजह की जगदंबिका पाल का झुकाव सपा की तरफ देखा जा रहा है।

वैसे भी जगदम्बिका पाल समय-समय पर पाला बदलने के लिए मशहूर हैं। जगदंबिका पाल भाजपा के टिकट पर 2014 में चुनकर संसद पहुंचे थे। उससे पहले इसी सीट से पाल 2009 में कांग्रेस के टिकट पर सांसद चुने गए थे। 2004 में भी वो कांग्रेस के टिकट पर डुमरियागंज संसदीय सीट से चुनाव लडे दे। तब उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।

कांग्रेस से अपना राजनीतिक सफर शुरू करने वाले पाल कांग्रेस से हटकर अखिल भारतीय लोकतान्त्रिक कांग्रेस के संस्थापक सदस्यों में से एक थे। उन्होंने 1997 में नरेश अग्रवाल, रज्जेव शुक्ल और श्याम सुन्दर शर्मा के साथ मिलकर अखिल भारतीय लोकतान्त्रिक कांग्रेस बनायीं थी। पूर्वांचल के बाहुबली नेता हरिशंकर तिवारी भी उसी पार्टी के एक सदस्य थे। पार्टी ने कल्याण सिंह सरकार को अपना समर्थन दिया था। तत्कालीन कल्याण सिंह सरकार में वो परिवहन मंत्री भी थे। उसके बाद वो एक दिन के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री भी बने। हालांकि उन्हें हाई कोर्ट के आदेश के बाद हटना पड़ा। बाद में पाल फिर कांग्रेस में वापस आ गए।

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