महराजगंज

VIDEO महराजगंज: और जब पौ फटते ही गांव से बाहर हो गया गांव का हर कुनबा..

 महराजगंज: और जब पौ फटते ही गांव से बाहर हो गया गांव का हर कुनबा..

महराजगंज: सोमवार को जनपद के सिसवा विकास खंड अंतर्गत ग्रामसभा पकड़ी चौबे में निवास करने वाला हर जाति, वर्ग का प्रत्येक कुनबा शिशु से लेकर वृद्ध तक ने पूरा दिन गाँव छोड़कर बाहर स्कूल, मन्दिर, पंचायत भवन में आशियाना बनाकर व्यतीत किया। अवसर था प्रत्येक दो वर्ष बाद होने वाले “परावन” का। जिसके पूरे चलते गाँव में सन्नाटा पसरा रहा।

इसे अन्धविश्वास कहें या आस्था, प्रत्येक दूसरे वर्ष होली के पहले शुक्रवार या सोमवार को गाँव की जनता किसी अनहोनी के मद्देनज़र एक दिन के लिए घर छोड़कर गाँव के सीवान में रहने की परम्परा परावन को मनाते चले आ रहे हैं। इस परम्परा के बारे में बताया जाता है कि एक दिन के लिये सभी ग्रामीण अपना घर छोड़कर गाँव के सीवान में रहने की परंपरा सदियों से चली आ रही है। इस दिन देवी देवताओं को पूजा पाठ, कढ़ाही, धार कपूर चढ़ाया जाता है।

सूर्योदय के पूर्व घर से निकलने के पहले घर मे लगे चापाकलों से किल्ली निकाल दी जाती है। और दिन में गांव की महरीन चौबे खानदान के तीन परिवारों से पैसे लेकर डीह स्थान पर पूजा पाठ करती है। उसके उपरांत सूर्यास्त से पूर्व भोजन करने के बाद गांववासी अपने घरों में जाते हैं। फिर चापाकलों में लौंग डालने के बाद ही घर का पानी पिया जाता है।

गांव के पं राजेन्द्र चौबे ने बताया कि इस परम्परा का निर्वाह वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी महत्त्वपूर्ण होता है। दिन भर घर से बाहर रहने के चलते मनुष्य से शरीर से सम्पर्क में रहने वाले खतरनाक जीवाणुओं का नाश भी हो जाता है। जिसके बाद घर की शुद्धि भी हो जाती है।

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