मऊ

राशन वितरण प्रणाली मे धांधली, उपभोक्ता परेशान – विभाग मौन

डी के कुशवाहा मऊ। तमाम सख़्ती के बाद भी गरीबो को मिलने वाला खाद्यान कोटेदार, राशन माफियाओ व विभाग की मिली भगत के चलते काले-बाज़ारियों व दलालो के हवाले हो जा रहा है.

इस समय बुरी स्थिति जनपद के कोपागंज नगर पंचायत की है,  जहाँ 5 किलो प्रति यूनिट के बजाय मात्र 3 या 4 किलो प्रति यूनिट ही देकर शेष राशन  बेच दिया जाता है,  इस नगर पंचायत में कुल  7200 राशन कार्डधारक थे, जिस पर कोटेदारों ने उठान भी किया. लेकिन कार्ड छटनी के बाद अब मात्र 5348 कार्ड बचे है, जिस पर वितरण हो रहा है.

ऐसी स्थिति में इस बार 1852 कार्ड धारक बिना राशन लिए ही घर वापस जाने को मजबूर है. खाद्यान उपभोक्ता कोटेदारों की लुभावनी बाते सुनकर वापस लौट रहे है. आधार कार्ड फीडिंग न होने तथा राशन कार्ड से नाम कटने की बाते कह कर लौटा दे रहे है.

उपभोक्ताओं का आरोप है कि बार-बार खाद्यान्न लेने के समय आधार कार्ड की फ़ोटो कापी देते-देते हम थक गये है,  जबकि कोटेदार इसका हर महीने विभाग से मिलकर फायदा उठा रहे है.

कोपागंज विकास खंड क्षेत्र के अलावा नगर पंचायत में 17 वार्डो के अंतर्गत दर्जनों सार्वजानिक वितरण प्रणाली की दुकाने आवंटित है. स्थिति यह है कि गत तीन-चार माह से उक्त कोटेदारो द्वारा दो-चार हजार कार्ड धारको में खाद्यान वितरण कर शेष को काले-बाजारियों के हवाले कर दे रहे है. इस स्थिति में कार्ड धारक प्रतिदिन सुबह से शाम तक दुकानों का चक्कर लगा निराश हो घर वापस चले आ रहे है.

जबकि विभाग, खाद्यान की कालाबाज़ारी न हो, इसके लिए रोज़ नए नियम बना रहा है लेकिन क्षेत्र के कोटेदार व राशन माफियाओ पर जरा भी असर नहीं.

कोपागंज नगर पंचायत के कुल 17 वार्डो में लगभग 7200 सौ कार्ड धारको को आनलाइन खाद्यान्न वितरित किया जाता है.

कस्बे के कार्ड धारक बेचन,  रामू,   नाज़िया,  गुलाबी, सुभावती,  सलाम,  राजकुमार,  प्रभादेवी,  चंद्रजीत सहित अनेको कार्ड धारको का कहना है कि गत दो-तीन महीनो से उन्हें खाद्यान कोटेदार द्वारा नहीं दिया जा रहा है.

उपभोक्ताओं के प्रतिष्ठान पर पहुँचने पर कोटेदार अपनी दुकाने बंद कर फरार हो जा रहे है या नाम न होने की बात कह वापस कर दे रहे है. इसे लेकर कार्ड धारको में दिनोदिन आक्रोश बढ़ता जा रहा है जबकि सबसे बुरी स्थित कस्बे के हकीमपुरा मोहल्ले की है.

 केरोसिन तेल की आपूर्ति भी है बदहाल

मऊ। कस्बे में बिजली कटौती व गैस सिलेंडर न मिलने से मिटटी के तेल की मांग काफी मांग बढ़ गयी है. स्थिति यह है कि  केरोसिन तेल की मांग के चलते बाजार में साठ से सत्तर रुपया लीटर खुलेआम बिक रहा है.

जबकि एक महीने से गैस सिलेंडर न मिलने व बिजली न रहने के चलते कस्बेवासी इतना महंगा तेल होने के बाद भी खरीदने को विवश है कस्बेवासियों के बार-बार शिकायत के बाद भी इस समस्या पर विभाग जरा भी ध्यान नहीं दे रहा है.

शिकायतों की होगी जाँच – सौरभ सिंह

कोपागंज नगर पंचायत के अंतर्गत कोटेदारों द्वारा कार्ड धारकों को निर्धारित यूनिट से कम खाद्यान्न दिए जाने व कार्ड धारकों का बार बार राशन कार्ड से नाम काटे जाने के बाबत पूछे जाने पर क्षेत्रीय आपूर्ति इंस्पेक्टर सौरभ सिंह ने कहा कि मामला संज्ञान में नही है. अगर ऐसा है तो इसकी जांच कराते हुए निर्धारित यूनिट पर ही खाद्यान्न का वितरण कराया जाएगा.

 

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