मऊ

VIDEO मऊ: योगी राज में भी नहीं मिल रहा है न्याय, न्याय के लिए भटकती पीड़िता

मऊ: प्रदेश की योगी आदित्यनाथ की सरकार प्रदेश में कानून व्यवस्था का राज स्थापित करने के लिए लगातार अपराधियों पर शिकंजा कसने का दावा कर रही है लेकिन मऊ जनपद के दोहरीघाट थाना क्षेत्र केतारनपुर गांव की रहने वाली एक विधवा महिला राजमती अपने पति के हत्यारों की गिरफ्तारी को लेकर जिला प्रशासन के आलाधिकारियों के यहाँ चक्कर काट रही है। लेकिन उसकी एक नही सुनवाई हो रही है।

सवाल यह उठता है कि एक तरफ सरकार जहाँ गरीबो को न्याय और सुरक्षा देने की बात करती है तो वही दूसरी तरफ इस तरह के वाक्ये और पुलिस प्रशासन और जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान खड़े करते है। जनपद के दोहरीघाट थाना क्षेत्र के तारनपुर गावं की रहने वाली राजमती के पति को गावं के रहने वाले कुछ लोगो ने पिकअप से धक्का मार दिया जिससे वह गम्भीर रुप से घायल हो गये और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गयी।

मामले में पुलिस ने FIR तो दर्ज कर लिया लेकिन आरोपियों की गिरफ्तारी नही होने से राजमती लगातार थाने से लेकर पुलिस के आलाधिकारियों के चौखट तक न्याय की गुहार लगा रही है लेकिन उसकी एक सुनवाई नहीं हो रही है। पीडित महिला का कहना है कि दुकान से उसको कार्यवाई के बजाय केवल आश्वासन ही मिल रहा है। पीडित महिला के मुताबिक उसके पति स्थानीय थाना क्षेत्र के उसरीखुर्द चट्टी पर उनकी मेडिकल की दूकान थी और 1 अगस्त को वह शाम को घर आ रहे थे कि गाँव के रहने वाले मृत्युंजय चौहान अपने दो रिस्तेदारो के साथ मिलकर पिकअप से धक्का मार दिया। जिससे वह गम्भीर रुप से घायल हो गये।

उनको स्थानीय लोग तुरन्त इलाज के लिए प्राथमिक स्वास्थय केन्द्र ले गये। डॉक्टरों ने गम्भीर हालत को देखते हुए आजमगढ जनपद के लिए रेफर कर दिया। जहाँ 15 दिनो के इलाज के बाद 15 अगस्त को उनकी मौत हो गयी। मामले में पुलिस ने एफआईआर तो दर्ज कर लिया लेकिन वही आरोपियों के रसूखदार होने की वजह से पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी करने में हीलाहवाली करने का काम कर रही है। पीडित का कहना है कि आधिकारी कार्रवाई का भरोसा देते हे लेकिन करते कुछ नही है तो उसने मीडिया के माध्यम से अपनी आवाज उठाने को उठाया है।अब देखना ये कि राजमती को न्याय मिलता है या फिर मामला य़ू ही ठऩ्डे बस्ते में चला जाता है।

मृतक के भाई देवेन्द्र भी अपने भाई सुरेन्द्र चौहान के हत्या में शामिल आरोपियो की गिरफ्तारी को लेकर लगातार प्रयास कर रहा है। साथ ही महीने भर से अधिकारियों के यहाँ चक्कर काट रहे है लेकिन उनकी एक सुनवाई हो रही है। हालाकि इस मामले में पुलिस प्रशासन से बात करने पर पुलिस प्रशासन जाँच की बात को कहकर टालने का काम कर रही है लेकिन कैमरे के सामने कुछ भी बोलने से मना कर रही है । पुलिस ने मामले में देवेन्द्र के भाई सुरेन्द्र की हत्या का एफआईआर आईपीसी की धारा 302, और 506 के तहत दर्ज कर कार्रवाई करने में जुटी हुयी है। लेकिन जाँच पडताल के नाम पर हीलाहवाली करना सवालियाँ निशान खडे करता है।

Related Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *