महराजगंज: किसानों का दर्द, जंगली बंदरों ने बर्बाद की सैकड़ों एकड़ गन्ने की फसल

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महराजगंज: जनपद के निचलौल तहसील अंतर्गत ग्रामसभा बिसोखोर मदरहा, फुलही खोंच, बड़हरा टोला तथा चरगहां के बीच किसानों की सैकड़ों एकड़ गन्ने की फसल को जंगली बंदरों ने तहस-नहस कर दिया है। बंदरों के आतंक के चलते किसान बदहाल हैं। अधिकारियों से गुहार लगाने के बाद भी समस्या जस की तस बनी हुई है।

बता दें कि उक्त ग्रामसभाओं में लगभग 400 सौ एकड़ कृषि भूमि पर किसानों की गन्ने की तैयार फसलों को सोहगीबरवां वन्य जीव प्रभाग की तरफ से टोलियों में आ रहे बंदर फसलों को तबाह कर रहे हैं। इतना ही नहीं विगत एक साल से इन बन्दरों का आतंक गांव के वाशिंदों पर भी भारी पड़ रहा है। आए दिन बंदर किसी न किसी औरत या बच्चे पर भी हमला कर रहे हैं।

फसलों का आलम यह है कि कुछ किसान खेती करना ही छोड़ चुके है। और जिनकी फसल खेत में तैयार है वो खेत में ही मचान बनाकर बरसात के मौसम में दिन रात निगरानी कर रहे हैं। नवमी यादव, हरिहर चौधरी, फूलबदन यादव, रमाकांत यादव, नरसिंह, जितेंद्र पुरी, रामप्रीत विंद, विसुनि यादव, आशीष शर्मा, जोगिन्दर चौधरी आदि किसानों ने बताया कि इस बावत कई बार सम्बन्धित अधिकारियों व वन कर्मचारियों को जानकारी देकर कार्रवाई की मांग भी की। किंतु वन विभाग ने अब तक की गई शिकायतों पर ध्यान नहीं दिया।

किसानों ने बताया कि सामाजिक संस्था ‘पहल’ के आलोक शर्मा व विवेक चौरसिया से उक्त समस्या से अवगत कराया गया। जिस पर संस्था के लोगों ने मौके पर बर्बाद हो रहे फसलों को देखकर एस डी एम निचलौल और वन विभाग के अधिकारियों अवगत कराया। मगर अभी तक सम्बन्धित अधिकारियों ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं किया है। इस मामले में डी एफ ओ महराजगंज संदीप सिंह का कहना है कि मामला संज्ञान में आया है। किसानों की समस्या को देखते हुए शीघ्र ही वन विभाग की एक टीम भेजी जाएगी।