प्रोफेसर विजय कृष्ण सिंह ने ग्रहण किया गोरखपुर विश्वविद्यालय के कुलपति का कार्यभार

गोरखपुर: दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में शनिवार को प्रो विजय कृष्ण सिंह ने नये कुलपति के रूप में कार्यभार ग्रहण किया। कुलपति कार्यालय में प्रो पृथ्वीश नाग ने फूलों का गुलदस्ता देकर उनका स्वागत किया। पूरे दिन कुलपति को बधाई देने वालों का तांता लगा रहा।

कुलपति ने अपनी प्राथमिकताओं के बारे में बताया कि विवि में आकर पता चला कि लगभग सभी विभागों में शिक्षकों की कमी की स्थिति भयावह है। जहां 13 शिक्षक होने चाहये वहां केवल तीन हैं। जल्द ही डीन एवं विभागाध्यक्षों के साथ मीटिंग कर वास्तविक स्थिति का पता लगाया जायेगा। तदउपरान्त शिक्षकों की विभागवार भर्ती की जायेगी।

उन्होंने कहा कि विवि में अब किसी भी तरह का वित्तीय लेनदेन चेक अथवा कैस से नहीं होगा आनलाइन ट्रांजेक्शन को पूरी तरह से लागू किया जायेगा। शैक्षिक सत्र व गतिविधियों को पूरी तरह से नियमित करने पर भी जोर दिया। विवि में नये तकनोलाजी का इस्तेमाल करने को प्रोत्साहित किया जायेगा। पर इन सबसे पहले बुनियादी समस्याओं को दूर किया जायेगा।

इससे पहले प्रो. विजय कृष्ण सिंह इंस्टिट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (आईईटी) लखनऊ के प्रतिकुलपति और मुख्य नियंता रहे श्री सिंह गणित विज्ञान के प्रोफ़ेसर थे। 12 फरवरी 2016 से प्रोफेसर अशोक कुमार का कार्यकाल समाप्त होने के बाद गोरखपुर विश्वविद्यालय कार्यवाहक कुलपति के सहारे चल रहा था जिसका कार्यभार प्रोफ़ेसर पृथ्वीश नाग संभाल रहे थे प्रदेश में नई सरकार बनने के बाद गोरखपुर विश्वविद्यालय को पूर्णकालिक कुलपति मिला है।

गाजीपुर जनपद के ग्राम रामसिंहपुर के रहने वाले प्रोफेसर सिंह की शिक्षा-दीक्षा गोरखपुर में ही हुई थी सरस्वती विद्या मंदिर आर्य नगर से प्राथमिक शिक्षा लेने के बाद एम् पी इंटर कॉलेज में उन्होंने इंटरमीडिएट की परीक्षा उत्तीर्ण की थी इसके बाद बी ए ,एम ए, और पीएचडी की उपाधि गोरखपुर विश्वविद्यालय से प्राप्त किया था उनके पिता प्रोफेसर यू पी सिंह जौनपुर विश्वविद्यालय के कुलपति रह चुके हैं तथा गोरखपुर में महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के सचिव भी हैं।

शिक्षा परिषद के सचिव होने के कारण गोरखपुर विश्वविद्यालय कार्यपरिषद के भी सदस्य नामित हैं अब विश्वविद्यालय के कार्य परिषद की बैठक में पिता-पुत्र दोनों शामिल रहेंगे। कार्यभार ग्रहण करने के पश्चात प्रो वीके सिंह ने कहा कि परिसर में शांतिपूर्ण शिक्षा का माहौल बनाना, अराजकता दूर करना छात्रावासों में साफ-सफाई सहित अन्य व्यवस्थाएं सुदृढ़ करना , सत्र को नियमित करना तथा परीक्षा परिणाम समय से घोषित करना उनकी मुख्य प्राथमिकताएं हैं।

उन्होंने कहा कि गोरखपुर विश्वविद्यालय शिक्षकों की कमी से जूझ रहा है जिससे पठन-पाठन बाधित हो रहा है उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में शिक्षकों की कमी को पूरा करने का भरपूर प्रयास करेंगे।

श्री सिंह ने कहा कि क्योंकि उनकी शिक्षा दीक्षा गोरखपुर विश्वविद्यालय में हुई है इसलिए वह यहां के सभी विभागों एवं समस्याओं से पूर्ण रूप से अवगत हैं उन्होंने कहा कि शिक्षा की शुचिता बनाया बनाए रखना सत्र को नियमित करना अराजकता से मुक्ति दिलाना तथा छात्रों और शिक्षकों के बीच में सामंजस्य स्थापित करना शिक्षा को नया मुकाम देना उनकी मुख्य प्राथमिकता है।

उन्होंने कहा कि गोरखपुर विश्वविद्यालय पूर्वांचल का एकमात्र विश्वविद्यालय है इसलिए यहां आस-पास जिलों से भी छात्र-छात्राये शिक्षा ग्रहण करने आते हैं इसको लेकर वह उनकी समस्याओं के प्रति संवेदनशील रहेंगे।

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