शिक्षक नेता राजेश मिश्रा ने राष्ट्रपति, पीएम, राज्यपाल, सीएम को भेजा पत्र, केवल मोदी ने दिया जवाब

गोरखपुर: प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार बनते ही इस बात का अंदाजा लगाया जाने लगा की कोई भी समस्या होगी तो मुख्य मंत्री तुरंत उसका सज्ञान लेंगे। कुछ मामलों में ऐसा हुआ भी। जनता दरबार भी लगता है। लेकिन अगर हम सक्रियता की बात करें तो अभी भी प्रधान मंत्री कार्यालय सबको मात दे रहा है। ऐसा ही एक मामला है AIFUCTO के जोनल सेक्रेटरी डॉ राजेश चंद्र मिश्रा का।

श्री मिश्रा का कहना है उन्होंने 27 मार्च, 2017 को यूपी उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग, इलाहाबाद के नियुक्तियों के ख़िलाफ़ 46 पन्नों का प्रतिवेदन (साक्ष्य और संलग्न सहित) राष्ट्रपति प्रणव मुख़र्जी, प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी, प्रदेश के राज्यपाल राम नाइक और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित कुल 8 लोगों को स्पीड पोस्ट किया।

श्री मिश्रा बतातें हैं की इनमे से प्रधानमन्त्री कार्यालय को छोड़कर कहीं से कोई जबाब नही आया।

अब जरा प्रधान मंत्री कार्यालय के सक्रियता पर नजर डालें।

राजेश मिश्रा बतातें हैं की प्रधानमन्त्री कार्यालय में उनका पत्र 30 मार्च, 2017 को प्राप्त हुआ और 6 अप्रैल, 2017 को ही मुख्य सचिव यूपी को उचित कार्यवाही के लिये निर्देशित कर दिया।

श्री मिश्रा ने बताया की उन्हें 5 रूपये के साधारण डाक द्वारा भेजे गए PMO कार्यालय का पत्र मिला। यद्पि यह पत्र PMO कार्यालय द्वारा 7 अप्रैल, 2017 को भेजा गया था और 8 अप्रैल को कॉलेज में रिसीव भी हो गया। लेकिन ग्रीष्म अवकाश के कारण यह पत्र उन्हें आज प्राप्त हुआ।

राजेश मिश्रा ने कहा की उन्हें अब इस बात का धैर्य पूर्वक इंतजार है की मोदी सरकार के निर्देश का पालन योगी सरकार कैसे करती है।