सिद्धार्थनगर: जिले में पर्यटन के विकास हेतु खर्च होगा मात्र एक करोड़

सिद्धार्थनगर: भगवान गौतम बुद्ध की क्रीड़ा स्थली होने के बाद भी पर्यटन के विकास को लेकर जिले के जिम्मेदार गम्भीर नहीं है। जिले के पर्यटकीय विकास के लिए महज एक करोड़ रूपए का ही इंतजाम किया गया है। इसमें कुछ रूपए ही कपिलवस्तु पर खर्च किए जाएंगे बाकी धन को जिले के ऐतिहासिक मंदिरों के विकास पर खर्च किया जाएगा।

कपिलवस्तु के विकास के लिए अलग से कोई धन नहीं मिलने से यहां के लोगों को निराशा हुई। जबकि जिले को पहचान देने वाले गौतम बुद्ध की क्रीड़ा स्थली के विकास के लिए किसी बडे़ बजट का प्राविधान नहीं किया गया।

जिले के एक दर्जन पर्यटन स्थलों पर एक करोड़ रूपया खर्च किया जाएगा। जिसमें कपिलवस्तु, भारतभारी, जिगिनाधाम मंदिर, वटवासिनी मंदिर सहित सहित जिले के अन्य मंदिर शामिल है। जहां पर पर्यटन विभाग द्वारा इनका विकास कराया जाएगा।

सांसद आदर्श ग्राम भारतभारी भी पर्यटन स्थल के रूप में विकसित है। यह स्थल महाभारत काल, बौद्ध काल व रामायण काल से जुड़ा हुआ है। इसके बाद भी यहां के विकास के लिए अलग से किसी भी प्रकार के धन का प्राविधान नहीं किया गया। जिससे एक बार फिर से जिले के प्रमुख पर्यटन स्थलों को झटका लगेगा।

पर्यटन स्थलों पर यहां आने वाले लोगों के बैठने के इंतजाम के साथ ही पेयजल की व्यवस्था पर्यटन स्थल को और आकर्षक बनाने काम किया जाएगा। इसके लिए पर्यटन विभाग ने कार्ययोजना तैयार कर ली है। जिसके आधार पर धन खर्च किया जाएगा।

बहुरेगा कपिलवस्तु स्थित होटल के दिन

गौतम बुद्ध की क्रीड़ा स्थली कपिलवस्तु में स्थित होटल शाक्या का भी दिन बहुरेगा। जिससे यहां पर पर्यटको के ठहरने का इंतजाम हो सकेगा। इससे यहां पर पर्यटकों की आमद भी बढे़गी। अभी तक यहां पर रूकने के इंतजाम के अभाव में बोद्ध स्तूप के दर्शन के लिए आने वाले पर्यटक चाहते हुए भी यहां पर नहीं रूक पाते है।

इसके लिए पर्यटन विभाग होटल शाक्या को लीज पर देने का मन बना रहा है। जिसके बाद यहां पर पर्यटकों के ठहरने के इंतजाम के साथ ही खाने पीने का सामान भी मिलेगा। जिससे यहां पर पर्यटकों की आमद में तेजी से इजाफा होगा।

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