हाथी का दांत बन कर रह गई है जिला महिला अस्पताल की दो करोड़ की माड्यूलर ओटी

गोरखपुर: जिले की महिला मरीजों के गम्भीर रोगों के शल्य क्रिया के लिए जिला महिला अस्पताल में सवा दो करोड़ की लागत से बना ऑपरेशन थिएटर शोपीस बना है। यह ऑपरेशन थिएटर काफी दिनों से संक्रामक बैक्टीरिया की चपेट में है। इस ओटी को विसंक्रमित करने की दो बार हुई कवायद विफल हो गई है। इसकी पुष्टि बीआरडी मेडिकल कॉलेज के माइक्रो बॉयोलॉजी विभाग ने भी की है।

बता दें कि जिला महिला चिकित्सालय परिसर में बनी माड्यूलर ओटी अस्पताल प्रशासन के लिए गले की हड्डी बन गई है। पूर्व में बसपा सरकार में पूर्व मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा की देखरेख में हुए एन आर एच एम घोटाले में चल रही सीबीआई जांच की परिधि में जिले की यह ऑपरेशन थियेटर भी रही थी।करीब ढाई साल से बंद चल रहे नवनिर्मित ओटी का बीते सितंबर में दौरे पर आए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन(एनएचएम) के निदेशक ने महिला अस्पताल की भी समीक्षा भी किया था।बाद में प्रमुख सचिव अरविन्द कुमार ने ओटी का संचालन शुरू करने का निर्देश भी दिया था।

जिला मुख्यालय पर 205 बेड वाले जिला महिला अस्पताल में रोजाना करीब तीन सौ महिलाएं ओपीडी में इलाज कराने आती है। महिला अस्पताल में लंबे समय से आधुनिक सुविधा वाले ऑपरेशन थिएटर की मांग की जा रही है। इसको देखते हुए पिछली बसपा सरकार ने एनआरएचएम से ऑपरेशन थिएटर बनवाया। इस ऑपरेशन थिएटर में कई खामियां रहीं।

ओटी के अंदर डॉक्टरों के हाथ धुलने के लिए वाटर सप्लाई का कोई सिस्टम ही नहीं बना। इतना ही नहीं नाली की तरफ एक खिड़की बना दी गई। इसके बावजूद लगभग ढाई साल पहले भवन को हस्तान्तरित करने की कागजी प्रक्रिया पूरी कर ली गई थी।बावजूद इसके आज तक यह ऑपरेशन थियेटर किसी काम का नही है।

हालाँकि पूर्व में इस ऑपरेशन थियेटर को आम जनता हेतु खोले जाने के लिए दो बार विसंक्रमित करने की कोशिश भी हुई है, किन्तु किसी अंदरूनी खामी की वजह से यह ओटी पूर्ण रूप से विसंक्रमित नही हो पाया।