महराजगंज: …और जब शिक्षा का मंदिर बन गया ऐयाशी का अड्डा

महराजगंज: क्या हो जब शिक्षा का मंदिर ही ऐयाशी का अड्डा बन जाये? जी हां ऐसा ही एक मामला महराजगंज के सदर ब्लाक का आया है। जहां शिक्षक विद्यालय परिसर को ही बच्चों के भविष्य को ताक पर रखकर अपने ऐयाशी का अड्डा बना लिए हैं। जिसका खुलासा इसकी शिकायत पर पहुंचे बीएसए की जांच में हुआ।

बता दें कि सदर ब्लाक के लखिमा थरुआ गांव के प्राथमिक विद्यालय में मांस-मदिरा के सेवन की शिकायत मिल रही थी। विगत एक साल से यह स्कूल कार्यरत शिक्षकों के पार्टी और ऐयाशी का अड्डा बन गया था। जब इसकी शिकायत जिला बेसिक अधिकारी जगदीश शुक्ला तक पहुंची तो गुरुवार को वे गुरुवार को इस विद्यालय के जांच के लिए पहुंच गए।

जांच में चौकाने वाले तथ्य सामने आए। विद्यालय परिसर में एमडीएम की जगह रसोइया के पद पर तैनात महिला मीट (मांस) बनाती मिली। और स्कूल परिसर में बियर की कई खाली बोतलें भी मिलीं। स्कूल में मीट बनने की खबर के बाद गांव में प्रधानाचार्य के खिलाफ माहौल गर्म हो गया है।

बीएसए ने जब बच्चों से पूछताछ किया तो बच्चों का कहना था कि स्कूल में मीट कई महीनों से बन रहा था। और यहां हेडमास्टर साहब और कुछ बाहरी लोग प्रतिदिन आकर मौज मस्ती करते हैं।

अब ऐसे में सवाल यह उठता है कि जब पाल्यों के भविष्य का निर्माण करने वाले शिक्षक ही ऐसे कृत्य पर उतारू हो जाएंगे तो पाल्यों को वे किस तरह का भविष्य देंगे?

इस सम्बन्ध में बेसिक शिक्षा अधिकारी जगदीश शुक्ला ने कहा कि शिकायत मिलने पर जांच की गई है। मामला सही पाया गया है। सम्बन्धित खण्ड शिक्षा अधिकारी को मामले की जांच सौंप दी गई है।