लापरवाही: MRI मशीन ने खींच ली मंत्री के गनर की पिस्टल, नियमो की अनदेखी घुसना पड़ा मंहगा

लखनऊ: वीआईपी होना गर्व की बात है, किन्तु जब इस रौब का गलत उपयोग हो तो काफी महंगा साबित होता है। कुछ ऐसा ही हुआ लखनऊ के गोमतीनगर स्थित डा. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में। जहां शुक्रवार को कैबिनेट मंत्री सत्यदेव पचौरी की एमआरआई जांच के दौरान उनके साथ मौजूद गनर के कमर में लगी पिस्टल खिंचकर एमआरआई मशीन में चली गयी।

अचानक पिस्टल फंस जाने से मशीन तेज आवाज के साथ बंद हो गयी। गनर के मशीन के मैग्नेटिक जोन में आ जाने से यह घटना हुई। संस्थान के तकनीकी विशेषज्ञों के मुताबिक मशीन के ठीक होने में करीब 15 दिन लग सकते हैं। इससे संस्थान के मरीजों का एमआरआई जांच प्रभावित हो सकता है।

बृहस्पतिवार शाम सात बजे तबीयत बिगड़ने पर प्रदेश के खादी, ग्रामोद्योग मंत्री सत्यदेव पचौरी को लोहिया संस्थान में भर्ती कराया गया। विशेषज्ञ डाक्टरों की टीम ने उन्हें एमआरआई कराने का परामर्श दिया।

शुक्रवार को दोपहर एक बजे जांच के लिए उन्हें एमआरआई कक्ष में ले जाया गया। यहां गनर व अन्य साथी उन्हें एम आर आई मशीन में लिटा रहे थे। इसी दौरान अचानक गनर मुकेश भी मदद के लिए पहुंच गया। वह कमर में पिस्टल लगाये था। अचानक पहुंचने के कारण तकनीशियन उसकी पिस्टल पर ध्यान नहीं दे पाये। मैग्नेटिक जोन में आ जाने से उसकी पिस्टल तेजी से खिंचकर मशीन में चिपक गई। इससे एमआरआई मशीन ने काम करना बंद कर दिया। मशीन को चलाने के लिए तत्काल इंजीनियर व तकनीशियन बुलाने की कोशिश की गयी, लेकिन पिस्टल मशीन से नहीं निकाली जा सकी।

घटना पर संस्थान प्रशासन ने मौन साध लिया है। बताया जा रहा है कि इंजीनियर इसको बहुत जल्द से जल्द ठीक करने की कोशिश करेंगे तो भी 15 से बीस दिन लग जाएंगे। संस्थान के प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि अचानक ऐसा हो गया। हालाकि मरीज व उनके तिमारदारों को लोहे से संबंधित वस्तुओं को उतार देने की सलाह दी जाती है।

लेकिन सत्यदेव पचौरी कोई आम मरीज तो थे नही, लिहाजा उनके साथ उनके गनर भी असलहे समेत अंदर गए थे।

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