अखबारों में छपी खबर का एसएसपी ने किया खण्डन, कहा घसीट कर नही रखी गयी थी लाश

गोरखपुर: शनिवार की देर शाम नौसढ़ चौराहे पर शराब से मरे युवक की लाश रखकर रोड जाम किये जाने की खबर घसीट कर लदवाई लाश शीर्षक से अखबारों में छपने के बाद आज एसएसपी के पीआरओ सेल ने इस घटना का खंडन करते हुए प्रेस रिलीज में कहा है की खजनी थाना क्षेत्र निवासी छपिया रामू (30 वर्ष) पुत्र स्व निरंजन की मौत हो गई थी।

पुलिस ने कहा की मृतक बेलीपार के नौसढ़ चौकी के पीछे शौच करने गया था। जिसकी किन्ही कारणों से आकस्मिक मौत हो गई। रामू की मौत के बाद कुछ लोगों द्वारा नौसढ़ चौकी के सामने लाश को रखकर यातायात प्रभावित करने के उद्देश्य से मार्ग अवरोध करते हुए पुलिस पर पथराव किया था।पुलिस द्वारा जाम हटाकर यातायात को बहाल किया गया। इस घटना में शामिल प्रदर्शनकारियों पर थाना तिवारीपुर में मुकदमा दर्ज किया गया है।

पुलिस ने कहा की इस घटना में 25 नामजद एवं 50 अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। नामजद 25 व्यक्तियों में से 18 व्यक्तियों को गिरफ्तार कर आज जेल भेज दिया है एवं अन्य और अज्ञात अभियुक्त की गिरफ्तारी के लिए तिवारीपुर पुलिस जगह जगह छापेमारी कर रही है।

पुलिस द्वारा रोडजाम समाप्त करते हुए मृतक के शव को पोस्टमार्टम हेतु वहां से ले जाने के लिए पकड़कर ऑटो में रख रखवाया गया है ना कि उसे घसीटते हुए गाड़ी में रखवाया गया है।

पुलिस ने इस पूरी कार्यवाही का एक वीडियो भी जारी किया है। उन्होंने कहा की समाचार पत्रों में प्रकाशित गलत एवं भ्रामक तथ्य की (घसीटते हुए गाड़ी में लदवाई युवक की लाश) मैं निंदा करता हूं की उसका खण्डन करता हूँ।

क्या है मामला :-

खजनी के छपिया निवासी रामू भारती की संदिग्ध हाल में हुई मौत पर शनिवार की शाम जमकर हंगामा हुआ। गांव के लोगों ने जहरीली शराब को मौत की वजह बताते हुए नौसड़ चौकी के सामने शव रखकर जाम लगा दिया। पुलिस करीब एक घंटे तक जाम हटाने की कोशिश करती रही। इसी बीच ग्रामीण उग्र हो गए और उन्होंने नौसड़ चौकी पर पथराव शुरू कर दिया। इससे बचने के लिए पुलिस वाले चौकी छोड़कर भाग निकले।

पथराव में बस और कार के शीशे टूट गए। कई राहगीर घायल हो गए। इसके बाद बेलीपार इंस्पेक्टर ने हिम्मत दिखाई और पुलिस वालों के साथ बल प्रयोग कर प्रदर्शनकारियों को खदेड़ दिया। पथराव की खबर पाकर एसपी सिटी विनय सिंह, एडिशन एसपी गणेश साहा, सीओ चारु निगम और कई थाने की फोर्स मौके पर पहुंच र्गइं।

उधर, जाम और पथराव की सूचना मिलने पर बेलीपार इंस्पेक्टर रवींद्र पांडेय मौके पर पहुंचे। उन्होंने जाम देखते ही लाठीचार्ज शुरू कर दिया। इसके बाद पुलिस वाले भी आगे आ गए। उन्होंने भी बल प्रयोग कर लोगों को खदेड़ दिया। घायलों को पुलिस ने ऑटो से मेडिकल कॉलेज भेजा।पुलिस ने मुख्य आरोपी माने जाने वाले प्रधान काली शंकर समेत एक दर्जन लोगों को हिरासत में ले लिया। मौके पर पहुंचे एसपी सिटी, एडिशनल एसपी ने अलग-अलग फोर्स लेकर कच्ची शराब की तलाश में गांवों में दबिश दी। हालांकि देर रात तक पुलिस को सफलता नहीं मिली, लेकिन कई कारोबारी पकड़ लिए गए।