परसिया तिहरा हत्याकांड, रानीपुर हत्याकांड से लेकर अमित हत्याकांड तक कठघरे में कोठीभार पुलिस

महराजगंज: जनपद के कोठीभार में विगत दो वर्षों से हत्यारे ख़ाकी के इकबाल को चिढाते चले आ रहे हैं। वर्ष 2015 में परसिया में तिहरे हत्याकांड, रानीपुर मझौवा सुमन हत्याकांड से लेकर गैस एजेंसी मालिक अमित हत्याकांड तक के मामले में जनपद की कोठीभार पुलिस कठघरे में घिर गई है। एक तरफ जहां तिहरे हत्याकांड को कोठीभार पुलिस आज तक सुलझाने में नाकाम रही।

वहीं रानीपुर मझौवा में सुमन हत्याकांड के मामले में डेढ़ वर्ष बाद सुप्रीम कोर्ट की लताड़ के बाद आनन फानन में हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा किया। और इधर अमित हत्याकांड को दुर्घटना बनाने में लगी पुलिस की विवेचना को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने मामला क्राइम ब्रांच को सौंप दिया।

बताते चलें कि गत 21 मई को कोठीभार थानाक्षेत्र के ग्रामसभा रजवल मदरहा निवासी रायपुर गैस एजेंसी के मालिक अमित कुमार को दिन में डेढ़ बजे लोहेपार नहर के समीप चकरोड पर मृत पाया गया था। पहले तो अमित की मौत को दुर्घटना माना जा रहा था। परंतु शव की परिस्थितियों को देखते हुए उसके पिता ने अपने बेटे की हत्या किए जाने का आरोप लगाते हुए सम्बन्धित थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा पंजीकृत कराया।

इस मामले में अमित के पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसकी सर में चोट लगने से मौत की रिपोर्ट मानकर मुकामी पुलिस इसे दुर्घटना मानकर चल रही है। परंतु घटना से लेकर आज तक लोग कत्तई यह मानने को तैयार नहीं है कि उसकी मार्ग दुर्घटना में मौत हुई है। विवेचक को पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने मौत सर पर चोट लगने के कारण हुई है, दर्शाकर विवेचना को पेचीदा बना दिया है।

अमित के सर पर किसी भी प्रकार के प्रहार का चिन्ह नहीं था। और अगर वह खेत में अपनी बाइक लेकर गिरा होगा तो क्या खेत की मिट्टी इतनी कठोर थी कि सर पर चोट लगने से उसकी मौत हो गई। चर्चाओं का बाजार तो यहां तक गर्म है कि अमित जब अपनी एजेंसी से चला तो सीधे सिसवा वाले मार्ग पर विकास खंड कार्यालय के सामने एक व्यक्ति को तथा कुछ दूरी आगे जाने पर पोखरे के पास एक दूसरे व्यक्ति को बाइक पर सवार कर बाईपास प्रधानमंत्री सड़क से लोहेपार की तरफ चला था।

इसी बीच पुलिस को यह भी सबूत मिले हैं कि अमित उन दोनों को कहीं छोड़कर दिन में करीब 12 बजे सिसवा रेलवे स्टेशन रोड स्थित एक सैलून की दुकान पर शेविंग करवाया। और उसके बाद सिसवा सोनबरसा मार्ग पर लोहेपार ग्रामसभा के सामने चकरोड पर मृत पाया गया। सवाल यह उत्पन्न होता है कि अमित जब सिसवा शेविंग कराने आया था तो फिर उस सुनसान स्थान पर क्यों और कैसे पहुंच गया ? और फिर मृत पाया गया। और उसके साथ बाइक वाले दोनों शख़्श कहाँ गये? जो जांच का विषय है।

अमित को गणेश नाम से आया कॉल संदेह के घेरे में

पुलिस के सूत्र बताते हैं कि अमित के मोबाइल में गणेश नाम से किसी युवती का नम्बर फीड था। और गणेश नाम से सेव नम्बर से अमित के मोबाइल पर फोन आया था। जिससे बात करने के बाद ही अमित अपने एजेंसी से निकला था। जो जांच का विषय है।

अमित के भाई अनीश ने सी एम से की हत्याकांड के खुलासे की मांग

मृतक अमित के के छोटे भाई अनीश कुमार ने उसके भाई की हत्या में कोठीभार पुलिस द्वारा दुर्घटना बनाने को लेकर मामले में लीपापोती की शिकायत करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ऑनलाइन पत्र लिखकर न्याय की गुहार लगाते हुए मामले का शीघ्र खुलासा किये जाने की मांग की है।

परसिया में तिहरे हत्याकांड का आज तक खुलासा नहीं कर पाई पुलिस

10 अक्टूबर 2015 को इसी थानाक्षेत्र के ग्रामसभा परसिया स्थित बड़ी नहर में गिरी हुई इंडिका कार में पुलिस ने सिसवा कस्बे के 21 वर्षीय युवक कान्हा शर्मा की लाश बरामद की थी। कार में हेलमेट और एक लेडीज़ सैंडल भी पाई गई थी। इसके ठीक दो दिन बाद यानि 12 अक्टूबर को इसी नहर में गोपाला के समीप सिसवा के ही 22 वर्षीय सुनील चौरसिया की तैरती हुई लाश मिली। साथ ही ठीक उसी समय बगल के ही छोटी नहर में एक 18 वर्षीया युवती की लाश पाई गई। पाए गए इन तीनों लाश प्रेम प्रपंच में हत्या से जुड़े हुए थे। जिसे लेकर तत्कालीन एस ओ विक्रम सिंह ने विवेचना भी शुरू की थी। परंतु आज तक कोठीभार पुलिस इस हत्याकांड से पर्दा नहीं उठा पाई।

सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद डेढ़ वर्ष के उपरांत हुआ सुमन हत्याकांड का खुलासा

कोठीभार थानाक्षेत्र के रानीपुर मझौवा निवासी 28 वर्षीया सुमन की हत्या 28 दिसम्बर 2015 को हुई थी। जिसमें सुमन के परिजनों ने थाने में गांव के रमाशंकर यादव के विरुद्ध हत्या का अभियोग पंजीकृत कराया था। मगर पुलिस मामले का अल्पीकरण करने में लगी रही। मृतक सुमन के पिता ने हाईकोर्ट से लगायत सुप्रीम कोर्ट तक न्याय की गुहार लगाई। जिस पर इसी वर्ष 22 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने कोठीभार पुलिस को फटकार लगाते हुए 6 दिन के अंदर हत्याकांड का खुलासा करने का निर्देश दिया। जिसके बाद हरकत में आई पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसकी निशानदेही पर सुमन के शव को दफनाने वाली जगह की खुदाई कराई। किंतु शव नहीं मिला। बाद में पुलिस ने आरोपी रमाशंकर यादव को जेल भेज दिया।

क्राइम ब्रांच शीघ्र उठायेगी अमित की मौत के रहस्य से पर्दा : एस पी

जनपद के नवागत पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार सिंह का कहना है कि अमित की मौत की गम्भीरता को देखते हुए मामला क्राइम ब्रांच को सौंप दिया गया है। शीघ्र ही अमित की मौत के रहस्य का खुलासा कर लिया जायेगा।

Martia Jewels
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