महानगर को नए वर्ष में मिलेगी माध्यमिक शिक्षा परिषद् के क्षेत्रीय कार्यालय की सौगात

गोरखपुर: महानगर को इस साल माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) के क्षेत्रीय कार्यालय के रूप में एक नई सौगात मिलेगी। हालाँकि 16 वर्ष पूर्व 2001 में तत्कालीन मंत्री नेपाल सिंह ने इस कार्यालय की औपचारिकता पूर्ण कर एक सचिव की नियुक्ति भी कर दी थी,किन्तु उसके बाद अपरिहार्य कारणों से पूरा मामला ठंडे बस्ते के हवाले हो गया।

इसके लिए फिर से नार्मल स्थित कार्यालय के पुराने भवन का जीर्णोद्धार शुरू हो गया है। मार्च में इसका लोकार्पण भी हो जाएगा। इसके बाद गोरखपुर और आसपास के परीक्षार्थी, अभिभावक और विभाग के लोगों को अब भागकर वाराणसी नहीं जाना पड़ेगा। परीक्षा से संबंधित मामलों का निपटारा गोरखपुर में ही हो जाएगा।

बता दें कि उक्त मामले में फिर से शुरू हुई कवायद को देखते हुए पुराने भवन की दीवार, फर्श और छतों को दुरुस्त किया जा रहा है।पहले की खराब हो चुकी खिड़कियां और फाटक नए लगाए जाएंगे।साथ ही भवन को नया लुक देते हुए आकर्षक और सुविधाजनक बनाया जाएगा। यहां कार्य करने वाले अधिकारीयों और कर्मचारियों का आवास भी कार्यालय के पास ही बन रहा है, ताकि वह हर समय उपलब्ध हो सकें। निर्माण कार्य की निगरानी खुद जिला विद्यालय निरीक्षक एएन मौर्य कर रहे हैं। उनका कहना है कि कार्य तेजी के साथ चल रहा है। आशा है कि समस्त कार्य फरवरी तक पूरा हो जाएगा।

प्रदेश शासन ने गोरखपुर में यूपी बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय की स्थापना का फरमान 15 वर्ष पहले ही जारी कर दिया था। वर्ष 2000 में नार्मल परिसर में कार्यालय बनकर तैयार भी हो गया। 28 जून 2001 को प्रदेश के तत्कालीन शिक्षा मंत्री नैपाल सिंह ने कार्यालय के भवन का उद्घाटन किया। एक सचिव की तैनाती भी हो गई।

इसके साथ ही मंडल भर के छात्र, अभिभावक और शिक्षकों में खुशी की लहर दौड़ गई। सोचा, चलो अब भागदौड़ से मुक्ति मिलेगी। लेकिन, उनकी खुशी कुछ वर्षो में ही तार-तार हो गई। भवन के ध्वस्त होने के साथ ही परिषद से जुड़े लोगों के अरमान भी बिखर गए। लेकिन, सरकार की पहल पर पुराने भवन का कायाकल्प शुरू हो गया है। इसके साथ ही लोगों में एकबार फिर क्षेत्रीय कार्यालय की आस जग गई है।