राष्ट्रीय झील संरक्षण अधिनियम में चिलुआताल शामिल, रामगढ़ ताल परियोजना के तहत हो रहा काम

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गोरखपुर: पर्यटन विभाग ने जिले के चिलुआताल को पर्यटन स्थल के रूप में बदलने की कवायद शुरू कर दी है। सदर सांसद रहे तथा वर्तमान में सूबे के सीएम योगी आदित्यनाथ के प्रयास से गोरखपुर के चिलुआताल को भी राष्ट्रीय झील संरक्षण अधिनियम के तहत शामिल कर लिया गया है।

चिलुआताल के सौंदर्यीकरण का कार्य रामगढ़ताल परियोजना के तहत जल निगम कर रहा है। जबकि सौंदर्यीकरण का काम की देखरेख कार्य पूरा होने तक हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड कंपनी करेगी ।

गौरतलब है कि एनएच 29 ई गोरखपुर-सोनौली रोड पर लगभग 3 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ चिलुआताल है।मुख्यत: यह ताल पहले बड़ा नाला हुआ करता था।जिसका नाम चिलुआ नदी था।इस नाले का उद्गमस्थल महाराजगंज जिले के तराई क्षेत्र का निचला इलाका था, वहाँ से बहते हुए इस नाले का जल महेसरा के पास रोहिन नदी में मिल जाता है।

महेसरा के पास स्थित निचली भूमि में चिलुआताल का पानी जमा होता था।रोहिन का पानी यहाँ रुकने के चलते यह ताल बन गया और धीरे धीरे यह नाला समाप्त हो गया।चूंकि रोहिन नदी के कारण चिलुआताल में पानी पूरे साल बना रहता है और यहीं बने बामन्ती माता मंदिर पर पूरे वर्ष लोग दर्शन के लिए जाते हैं। चिलुआताल के बीच में यह मंदिर होने के कारण बारिश के समय इन मंदिर का रास्ता पानी में डूब जाता है।

लेकिन अब हाईवे से मंदिर की तरफ 4 फीट चौड़ा पूल बनाया जाएगा। जिससे बाढ़ के समय भी लोग मंदिर में दर्शन के लिए जा सकेंगे।लिहाजा इस ताल के सुंदरीकरण के लिए सीएम योगी के पहल पर पर्यटन बिभाग ने पहल शुरू की है।इसके साथ ही निर्माणा धीन फर्टिलाइजर में इसी ताल से प्रोजेक्ट तैयार करने के लिए पानी मिलेगा।

इस मुद्दे पर कार्यदायी संस्था जल निगम के प्रोजेक्ट मैनेजर आर एस सिंह का कहना है कि चिलुआताल के सुंदरी करण का प्रोजेक्ट तैयार है। पहले चरण में चिलुआ ताल के किनारे एसटीपी बनाया जाएगा।जिससे शहर या किसी फैक्ट्री का गंदा पानी सीधे चिलुआ ताल में न जाए।

ताल में फर्टिलाइजर निर्माण की स्वीकृति शासन की तरफ से मिल चुकी है।वही उसके बाद ताल के पानी को फर्टिलाइजर की जरूरत होगी।इसलिए पहले यह कोशिश की जा रही है,कि इसका पानी साफ हो जाए। उसके बाद ताल की रौनक लौटाने का कार्य किया जाएगा। जिसके तहत यहां 20 नाव चलाने के साथ ही इस के किनारे बांध भी बनाया जायेगा । इन बांधो पर लोगों को टहलने के लिए रास्ता मिलेगा ।

चिलुआताल के सौंदर्यीकरण की योजना स्वीकारते हुए क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी रविंद्र मिश्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री की मंशा पर चिलुआताल को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है।