निलम्बित एआरटीओ आरएस यादव के आशियाने की फाइल हुई गायब,कार्रवाई को तैयार होगी नई फाइल

गोरखपुर: कभी नोएडा में यादव सिंह और अब चन्दौली के एआरटीओ आरएस यादव इन दिनों सुर्खियों में हैं। भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तार चंदौली के एआरटीओ आरएस यादव का आशियाना गोरखपुर में भी है। जिसे जीडीए ने वर्ष 2002 में ही नोटिस देकर कार्यवाही करने को लिखा था,किन्तु सपा गवर्मेंट में रसूख के चलते उसकी फ़ाइल ठंडे बस्ते में डालकर गायब कर दी गयी।अब जबकि वह कानून के शिकंजे में फंस चुके है तो लगातार दो दिनों से जीडीए के सम्बंधित पटल लिपिक उसे ढूंढने में लगे रहे।

अब तय है कि फाइल नहीं मिली तो दूसरी फाइल तैयार करा कर कार्रवाई आगे बढ़ाई जाएगी। साथ ही इसके लिए जिम्मेदार बाबू की तलाश कर उस पर भी कार्रवाई की जाएगी।

गौरतलब है कि भ्रष्टाचार के मामले में गिरफ्तार एआरटीओ आरएस यादव की गिरफ्तारी के बाद जीडीए ने बेतियाहाता स्थित उनके आलीशान मकान के बारे में जांच पड़ताल की तो पता चला कि इस मामले में जीडीए ने मुकदमे की कार्रवाई शुरू की थी, मगर सपा नेताओं दबाव में फाइल बाद में दबा दी गई थी। अधिकारियों ने फाइल मंगाई तो पता चला कि फाइल जीडीए के रिकार्ड से गायब है।

इसके लिए शनिवार को भी पूरे दिन फाइल की तलाश हुई मगर पता नहीं चल सका।इसके बाद चीफ इंजीनियर ने मातहतों को निर्देश दिया कि फाइल नहीं मिली तो नए सिरे से दूसरी फाइल तैयार करें और मुकदमे की कार्रवाई को आगे बढ़ाएं।बताते चलें कि महानगर के बेतियाहाता के हरिहर दुबे मार्ग पर भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तार एआरटीओ एसआर यादव का आलीशान मकान है। मकान वर्ष 2002 में बनना शुरू हुआ था। बगैर मानचित्र स्वीकृति के ही बन रहे मकान को लेकर जीडीए ने वर्ष 2002 में नोटिस जारी की थी। विभागीय नोटिस के बाद ही समाजवादी पार्टी के कई प्रभावशाली नेता जीडीए के अवर अभियंता पर दबाव डालने लगे थे।

हालांकि जेई ने मकान का चालान कर दिया था। इसका जिक्र जीडीए के वाद रजिस्टर में दर्ज है। लेकिन इससे संबंधित मुकदमे की फाइल गायब है। अब जीडीए के अफसरों ने उस बाबू की तलाश शुरू कर दी है, जिसने फाइल गायब की होगी। फाइल नहीं मिली तो जिम्मेदार बाबू पर गाज गिरना तय है।

इस सम्बंध में जीडीए के चीफ इंजीनिय संजय कुमार सिंह का कहना है कि अगर फाइल नहीं मिलती है तो नए सिरे से तैयार की जाएगी। जीडीए की कार्रवाई को आगे बढ़ाया जाएगा। नियम का उल्लंघन कर बने मकान को ध्वस्त भी किया जा सकता है और फाइल गायब करने वाले कर्मचारियों पर भी कार्रवाई की जाएगी।