संतकबीर नगर

VIDEO संतकबीरनगर: जान जोखिम में डाल बांस के इस पुल को पारकर बच्चे जातें हैं पढ़ने

शैलेन्द्र मणि त्रिपाठी
संतकबीरनगर: आज ज़िले में एक ऐसी ज़िंदा तस्वीर से हम आपको रूबरू कराने जा रहे हैं जिसे देखकर आपके रौंगटे खड़े हो जाएंगे और आप ये कहने पर मजबूर हो जायेंगे कि प्रदेश में विकास के नाम पर सिर्फ छलावा हुआ है। क्योंकि यहां तो देश के भविष्य मौत की दहलीज पर रोज चलते हैं और मौत उनको कब अपनी आगोश में समा ले कहा नही जा सकता।

गौर से देखिए इस वीडियो को। वीडियो में आपको दिखेगा कि कैसे हर रोज़ देश का भविष्य अपनी ज़िंदगी संवारने के लिए मौत की घंटी बजाता और हवा में झूलते बांस के इस पुल पर अपनी ज़िंदगी दांव पर लगाकर एक ज़िले से दूसरे ज़िले में जाता है। यह तस्वीरें और ये वीडियो प्रदेश में आज तक की सभी सरकारों के विकास के दावों की पोल खोल रही है।

ये तस्वीर संतकबीरनगर जिले के असनहरा घाट की है। जो बस्ती ज़िले के मुंडेरवा में बंद पड़ी शुगर मिल के ठीक पीछे असनहरा गांव से घाट को बास के सहारे बने पुल को पार करके स्कूल के बच्चे अपनी ज़िंदगी ख़तरे में डालकर स्कूल जा रहे हैं। दरअसल असनहरा गांव संतकबीरनगर ज़िले के सेमरियावां ब्लॉक में आता है। असनहरा गांव के बच्चे इस बांस के पुल के सहारे बस्ती ज़िले के मुंडेरवां में पढ़ने के लिए जाते हैं।

असनहरा घाट बस्ती और संतकबीरनगर ज़िले का बॉर्डर है। नदी के इस पार बस्ती है और उसपर संतकबीरनगर। आज तक इस नदी पर पुल निर्माण के लिए न तो संतकबीरनगर के किसी जनप्रतिनिधि ने ध्यान दिया और न ही बस्ती के। जब कि एक ज़िले से दूसरे ज़िले में जाने के लिए लोग इस खतरनाक बांस के बनाये गए पुल से सफर करते हैं

स्थानीय लोगों की माने तो जन प्रतिनिधियों से कई बार इस असनहरा घाट पर पुल बनाने के लिए कहा गया। लेकिन कई सरकारें आईं और चली गईं इस पर अभी तक पुल का निर्माण नही हो सका।

आज इसी क्रम में भारतीय सुहेलदेव पार्टी ने असनहरा घाट पुल और सड़क बनाने को लेकर प्रदर्शन किया और नदी में उतर करके जलसत्याग्रह करते हुए प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। पार्टी ने 2019 के चुनाव में भाजपा का ख़ात्मा करने की धमकी भी दे डाली। मत भूलिए कि ये वही पार्टी है जो सूबे की योगी सरकार को समर्थन भी कर रही है।

जलसत्याग्रह कर रहे शैलेश राजभर की माने तो जब तक सरकार पुल और सड़क बनाने का धन नही देती है तब तक आंदोलन जारी रहेगा और जरूरत पड़ी तो समाधि भी बनेगी।

Related Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *