सिद्धार्थ नगर

VIDEO: सिद्धार्थनगर का ऐसा विद्यालय जो शिक्षक की मर्जी पर खुलता है

सिद्धार्थनगर का विद्यालय जो खुलता शिक्षक की मर्जी पर

सिद्धार्थनगर: जिले में सरकारी शिक्षा का बुरा हाल है। सरकार के लाख सख्ती के बाद अधिकारियों पर सरकारी फरमान का कोई असर देखने को नहीं मिल रहा है। बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे अध्यापकों पर कोई अंकुश लगता नहीं देख रहा है। अभिभावकों के लाख शिकायत के बावजूद किसी की सुनवाई नहीं की जा रही है।

विकासखंड डुमरियागंज का अमोना पांडे का राजकीय नवीन हाईस्कूल (विद्यालय) कुछ इसी तरह है,जहाँ पर लटक रहा ताला और अंदर की शिक्षा का बीड़ा उठाये जिम्मेदारों की पोल खोल रहा है ।स्थानीय बच्चों को शिक्षित करने के लिए इस विद्यालय की स्थापना की गई थी ।लेकिन स्थानीय लोगों की माने तो सालों से विद्यालय में पढ़ाई ही नहीं हो रही है।

स्कूल में हमेशा ताला ही बंद रहता है ।बस कभी-कभार जब यहां के शिक्षक का मन करता है, तो वह विद्यालय का ताला कुछ देर के लिए खोलते हैं, और फिर बंद करके चले जाते हैं। इस विद्यालय में अभी तक 1 घंटे भी पढ़ाई नहीं हुई है। जिसकी वजह से स्थानीय लोग अपने बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित हैं।

गरीब परिवारों के बच्चे जो पढ़ना चाहते हैं उनके सामने ही भविष्य अंधेरे में ही डूबा दिख रहा है ।ग्राम प्रधान और ग्रामीण विद्यालयों के संचालन को लेकर अधिकारियों से मिल चुके हैं लेकिन आश्वासन के सिवा कुछ नहीं मिला और धरातल पर अभी कुछ कोई भी बदलाव नहीं है।

संबंधित अधिकारियों की लापरवाही का आलम यह है कि जिला विद्यालय निरीक्षक को पता ही नहीं है कि स्कूल खुलता है कि नहीं। वह शिक्षक कौन है और वह क्यों नहीं विद्यालय आ रहे हैं। SDI से पूछने पर वह शिक्षकों की ही वकालत करते नजर आ रहे हैं ।वह सब कहते हैं कि किसी कारण शिक्षक नहीं गए होंगे। जिले के सभी शिक्षक नियंमीत शिक्षण कार्य कर रहे हैं ग्रामीण के आरोपों के उनके पास कोई जवाब नहीं।

ऐसे में जिले की बदहाल हो रही शिक्षा के जब जिम्मेदार ही आनंद लेंगे तो नौनिहालों के भविष्य का क्या होगा। यह बड़ा सवाल है जिसका जवाब जिले का कोई भी जिम्मेदार के पास नहीं है। जाहिर है कि शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के लिए सरकार को और कोई कदम उठाने पड़ेंगे।

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