सिद्धार्थ नगर

माघ मेले में अवैध वसूली का आरोप

कृपा शंकर भट्ट
सिद्धार्थनगर: जनपद के बाँसी कस्बे में लगने वाले ऐतिहासिक माघ मेले में नगरपालिका बाँसी द्वारा जमकर नियमो की धज्जियाँ उड़ाई जा रही है. बताते चले कि सन् 1963 में प० राजेन्द्र प्रसाद द्वारा मेले की शुरुवात की गयी थी. तब से लेकर प्रत्येक वर्ष यहाँ माघ मेला लगता आ रहा है.यहाँ लगने वाले इस मेले की पूरी जिम्मेदारी नगरपालिका प्रशासन की है. मेले में दूर-दूर से शो-मैन और कलाकार भी आते है.

इस वर्ष मेले को सुचारू रूप से चलाने के लिए 6 सदस्यीय प्रबंधन समिति का गठन किया गया है लेकिन मेले में जमकर अवैध वसूली का खेल खेला जा रहा है और इसे अवैध वसूली के खेल में जिम्मेदार ही शामिल है. ऐसा हम नही कह रहे बल्कि जिनको मेला प्रबन्ध समिति का सदस्य बनाया गया है वह ही बकायदे कैमरे पर स्वीकार कर रहे है कि मेले के नाम पर अवैध वसूली की जा रही.

इस वर्ष मेला समिति द्वारा 233 सड़क के किनारे अबैध तरीके से टैक्सी स्टैण्ड/साईकिल स्टैण्ड बनाया गया है जो पूरी तरह से अवैध है. वही मेले में जान पर खेल कर मौत के कुँए का परमिशन तक नही लिया गया है. यही हाल मेंले में लगने वाले झूलों का भी है.

स्थानीय नागरिक और व्यापारी भी इस वर्ष मेले में की जा रही अनियमितता के लिए नगर पालिका प्रशासन को ही जिम्मेदार ठहरा रहे है. वही इस पूरे मामले पर नगर पालिका के अधिशाषी अधिकारी सहित जिम्मेदार लोग कैमरे पर कुछ भी बोलने को तैयार नही है.

अब देखना होगा कि क्या 233 पर अवैध तरीके से बनाये गए टैक्सी स्टैण्ड को प्रशासन हटवाता है या ऐसे ही खुले आम नगरपालिका बाँसी को अवैध वसूली के लिए आजाद छोड़े रहता है. इस मेले में आये मौत के कुँए और झूलों को आखिर बिना बैध परमिशन के मेला प्रबंधन कैसे चलने दे रहा है. यह बात जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगाने के लिए काफी है.

 

Related Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *